तालीबान से खौफजदा हुआ पाकिस्तान, अफगानिस्तान की सीमा पर तैनात किए नियमित सैनिक

नई दिल्ली। अफगानिस्तान से अमेरिका और नाटो सेनाओं की वापसी के बाद तालीबान का आतंक चरम पर पहुंच गया है। ऐसे में अफगानिस्तान के पड़ोसी देश चौकन्ने हो गए हैं। अमेरिकी और नाटो सेनाओं की वापसी के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से सटी सीमा पर नियमित सैनिक तैनात कर दिए हैं। माना जा रहा है कि तालीबान के आतंक से पाकिस्तान को बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना के जवानों ने फ्रंटियर कांस्टेबुलरी (एफसी), लेविस फोर्स और अन्य मिलिशिया को फ्रंटलाइन पोजीशन से हटा दिया है। अमेरिका और नाटो अफगानिस्तान से अपने सैनिकों की वापसी को पूरा करने के कगार पर हैं। शेख राशिद अहमद ने कहा कि एफसी बलूचिस्तान और गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले अन्य लड़ाकों को सीमा पर गश्त से वापस बुला लिया गया है। पाकिस्तान ने अर्धसैनिक बलों की जगह नियमित सेना के जवान सीमा पर तैनात हैं। सीमा पार तनाव की स्थिति के मद्देनजर यह फैसला किया गया है।

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वहीं, रूस ने भी ताजिकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमावर्ती इलाकों में सैन्य उपकरण भेजे हैं। रूस पड़ोसी देशों में अस्थिरता के संभावित फैलाव को लेकर चिंतित है। ताजिकिस्तान रूसी जमीनी बलों के 201वें सैन्य अड्डे पर 6,000 से अधिक रूसी सैनिकों की मेजबानी कर रहा है। ये अड्डे विदेशी धरती पर रूस के कुछ सैन्य स्थलों में से एक है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस महीने की शुरुआत में कहा था, “हम अपने सहयोगियों के खिलाफ किसी भी आक्रामक अतिक्रमण को रोकने के लिए अफगानिस्तान के साथ ताजिकिस्तान की सीमा पर रूसी सैन्य अड्डे का उपयोग करने सहित सब कुछ करेंगे।”

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