म्यांमार में सैन्य शासन के विरोध में प्रदर्शन, चीन को बताया साजिशकर्ता

नई दिल्ली। म्यांमार में सैन्य तानाशाह जनरल मिन आंग हलिंग की करतूत का चीन ने खुलकर समर्थन किया है। चीन की इस हरकत का विरोध करने के लिए शुक्रवार को हजारों की संख्या में म्यांमार के लोग सड़क पर उतर गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि म्यांमार में हुए तख्तापलट का असल अपराधी चीन है। उनका आरोप था कि चीन शांतिप्रिय देश के जीवन में जान बूझकर अशांति पैदा कर रहा है। म्यांमार में प्रदर्शन कर रहे लोगो का कहना था कि चीन ने सेना को मजबूर करके सैन्य शासन लगवाया है।

म्यांमार में हुए प्रदर्शन में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी देखी गई। प्रदर्शन के दौरान ऐसे कई बैनर दिखे, जिसपर लिखा था, “सैन्य तानाशाह का समर्थन करना बंद करो।” इससे पहले, लाखों लोगों ने म्यांमार में जनरल मिन आंग हलिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

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बता दें कि एक फरवरी को म्यांमार की सेना ने तख्तापलट किया और नवंबर 2020 के चुनावों में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए नेशनल लीग ऑफ़ डेमोक्रेसी (NLD) की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंका। म्यांमार में अशांति लाने के लिए नेपाल, हांगकांग और अन्य देशों ने भी चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आपको बता दें कि म्यांमार की सेना ने कई राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिसमें स्टा काउंसलर आंग सान सू की और राष्ट्रपति विन म्यिंट भी शामिल थे। इसके साथ ही एक साल की आपातकाल की घोषणा कर दी गई।

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