चीन में सेना पर सवाल उठाने पर मिलेगी सजा, नया कानून लागू

नई दिल्ली। अपनी काली करतूतों के चलते पूरी दुनिया में कुख्यात ड्रैगन ने एक नया कानून पारित किया है। ये कानून पीएलए यानी चीन की सेना की “मानहानि को प्रतिबंधित करता है। चीन ने साल 2018 में बनाए गए कानून के तहत एक ब्लॉगर को पिछले साल पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में भारतीय सेना के साथ संघर्ष में मारे गए चीनी के सैनिकों को “बदनाम करने” के मामले में सजा दी गई थी।

नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) की स्थायी समिति द्वारा गुरुवार को मंजूर विधेयक में प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति या संगठन किसी भी प्रकार से सैनिकों के सम्मान की निंदा या अपमान नहीं करेगा। इसके साथ ही कोई भी सशस्त्र बलों के सदस्यों की निंदा या अपमान नहीं कर सकता।

इस विधेयक में सैन्यकर्मियों के सम्मान में बनाई गई पट्टिकाओं को अपवित्र करना भी अपराध माना जाएगा। नये विधेयक में अभियोजक सैन्यकर्मियों की मानहानि और उनके वैध अधिकारों एवं हितों के उल्लंघन के मामले में जनहित याचिका दायर कर सकते हैं जिन्होंने उनके कर्तव्यों और मिशनों के प्रदर्शन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है तथा समाज के सार्वजनिक हितों को नुकसान पहुंचाया है।

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नया कानून क्रांतिकारी “शहीदों की मानहानि को पहले से प्रतिबंधित करने वाले कानूनी उपायों की श्रृंखला में जुड़ा नया उपाय है। इन उपायों में देश की आपराधिक संहिता में सुधार और नायकों एवं शहीदों के संरक्षण के लिए बने 2018 का कानून भी शामिल है।

 

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