अपने ही आविष्कारों के शिकार बन गए यह महान वैज्ञानिक

नई दिल्ली। विज्ञान के इस दौर में अविष्कारों की बदौलत मानव आज उन्नत तकनीक की तरफ बढ़ रहा है। सफल अविष्कारों के वैज्ञानिक आज भी याद किए जाते हैं। अविष्कारों की दौड़ में कुछ वैज्ञानिक ऐसे भी रहे हैं, जो अपने आविष्कारों के शिकार हो गए।

मेरी कुरि

किंगडम ऑफ पोलैंड में पैदा हुई “मेरी कुरि” दुनिया के महान वैज्ञानिकों में से एक हैं। यह दुनिया की पहली ऐसी महिला थी, जिन्हें दो नोबल पुरस्कार मिले। साथ ही यह ऐसी पहली महिला थी, जिन्हें फिजिक्स और केमिस्ट्री दोनों के लिए नोबेल पुरस्कार मिला है। मेरी कुरि यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस की प्रोफेसर बनने वाली पहली महिला भी थी। तत्वों की खोज के लिए कई बार वह प्रयोग भी करती थी, जिसके कारण वे लगातार रेडिएशन के संपर्क में रहती थी। अत्यधिक रेडिएशन के कारण उन्हें “अप्लास्टिक एनीमिया” नामक रोग हो गया था। इस रोग के कारण इनकी मृत्यु हो गई थी। इनकी मौत के बाद इनकी दोनों बेटियों को भी उनके क्षेत्र में अविश्वसनीय कार्य करने के लिए नोबल पुरस्कार मिला है।

वैलेरियन अबाकोव्स्की

लात्वीयान में पैदा हुए इस नौजवान वैज्ञानिक की मौत महज 25 साल की उम्र में ही हो गई थी। वैलेरियन ने अपनी 25 साल की उम्र में ही एक तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन का आविष्कार किया था। इस ट्रेन का परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा था। जब यह ट्रेन मॉस्को के लिए वापस आ रही थी, तभी अचानक यह ट्रेन पटरी से उतर गई। पटरी से उतरने के बाद ट्रेन के अंदर बैठे 22 यात्रियों में से 6 लोगों की मौत हो गई। मारे जाने वाले 6 लोगों में “वैलेरियन अबाकोव्स्की” भी शामिल थे।

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ऑरेल व्लाइकु
“ऑरेल व्लाइकु” एक इंजीनियर, पायलट, अविष्कारक और हवाई जहाज के निर्माता थे। इस नौजवान वैज्ञानिक ने दुनिया के सबसे पहले लोहे से बने हवाई जहाज का आविष्कार किया था। इन्होंने एक तीर जैसे दिखने वाले हवाई जहाज का आविष्कार किया था। इस हवाई जहाज का नाम इन्होंने “व्लाइकु 2” रखा था। जब यह पहली बार 1913 को अपने विमान के साथ “कार्पेथियन पर्वतों” को पार कर रहे थे, तभी इनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई।

हेनरी स्मोलिंस्की

“हेनरी” ने अपने दोस्त” हैरोल्ड” के साथ मिलकर एक “एडवांस वेहिकल इंजीनियर्स” नामक कंपनी की स्थापना की थी। हेनरी का सबसे पहला और आखिरी आविष्कार एक उड़ने वाली कार थी। इस कार को उन्होंने “एवीई मिजार” नाम दिया था। उन्होंने एक ऐसी कार बनाई थी, जिसे जमीन पर चलाया भी जा सके और पंखों के साथ हवा में उड़ाया भी जा सके। इस कार के परीक्षण में उड़ान के बाद इस कार का दाहिना पंखा अलग हो गया। कार के पायलट सीट पर बैठे हेनरी और उनके पार्टनर हैरोल्ड की मृत्यु हो गई।

फ्रांज रिचेल्ट
“फ्रांज रिचेल्ट” ने एक ऐसे पैराशूट का निर्माण किया था, जो किसी दुर्घटनाग्रस्त पायलट के काम आ सके। उन्होंने अपने पैराशूट को टेस्ट करने के लिए पेरिस के एफिल टावर को चुना। पेरिस की पुलिस ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। कई बार कोशिश करने के बाद आखिरकार 1912 पेरिस की पुलिस मान गई और उन्होंने पैराशूट को टेस्ट करने की अनुमति उन्हें दे दी। इससे पहले इस पैराशूट का टेस्ट कई बार पुतलो पर किया गया था, जो पूरी तरह से सफल रहा था। एफिल टावर पर चढ़कर उन्होंने जब इस पैराशूट को अपने आप पर टेस्ट करने की बात कही तो लोग नाराज हो गए। फ्रांज रिचेल्ट ने लोगों को समझाने की कोशिश की, पर लोग नहीं माने। लोगों के बार-बार मना करने पर भी फ्रांज रिचेल्ट एफिल टॉवर से 187 फीट की ऊंचाई से कूद गए। दुर्भाग्यवश पैराशूट ना खुलने की वजह से फ्रांज रिचेल्ट की मौके पर ही मौत हो गई।

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