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श्रीलंका के इस मंदिर आज भी रखा है भगवान बुद्ध का दिव्य दांत 

श्रीलंका के इस मंदिर आज भी रखा है भगवान बुद्ध का दिव्य दांत 
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नई दिल्ली। दुनिया को अहिंसा परमोधर्म: का पाठ पढ़ाने वाले भगवान बुद्ध अब हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन उनकी सीखें और उनसे जुड़ी यादें आज भी हमें उनके करीब रखती हैं। भगवान बुद्ध की मृत्यु ईस्वी पूर्व 483 में हुई थी। हमारे पड़ोसी देश श्रीलंका में भी भगवान बुद्ध से जुड़ी अनेक यादें मौजूद हैं। इन्हीं से एक अद्भुत मंदिर है, जिसमें भगवान बुद्ध के दांत रखे होने का दावा किया जाता है। कहा जाता है कि यह दांत आज भी बढ़ रहा है और यह मंदिर श्रीलंका के कैंडी शहर में है।
श्रीलंका में इस मंदिर को ‘दांत मंदिर’ कहते हैं और यह मंदिर उस कैंडी शहर में है। पहले कैंडी शहर में श्रीलंका के राजा यहां रहते थे। जब राजशाही का अंत हुआ, तब कैंडी में औपनिवेशिक आवाजाही बढ़ी और कैंडी का धार्मिक महत्व भी बहुत ज्यादा है, क्योंकि यहां अनेक महत्वपूर्ण बौद्ध मंदिर हैं। मान्यता है कि भगवान बुद्ध के देह त्यागने के बाद उनका अंतिम संस्कार उत्तरप्रदेश के कुशीनगर में हुआ था, और उनके एक अनुयायी ने उनकी चिता पर से उनके दांत निकाल लिए और राजा ब्रह्मदत्त को दे दिया। वहीं बहुत सालों तक भगवान बुद्ध का वो दांत राजा ब्रह्मदत्त के पास रहा और भगवान बुद्ध के दांत के लिए कई लड़ाईयां हुई थी।
कालांतर में ये दांत कई राजाओं के पास आया-गया लेकिन अंत में वह दांत श्रीलंका पहुंचा। आप सभी को बता दें कि हर बुधवार को भगवान बुद्ध के पवित्र दांत को सुगंधित फूल मानुमुरा मंगलया से बने सुगंधित पानी से प्रतीकात्मक तौर पर स्नान कराया जाता है और इसके बाद इस पवित्र जल को श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। कहा जाता है इस जल को चंगाई की शक्तियों से भरा हुआ कहा जाता है।

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