नेकटाई पहनने से इंकार करने पर न्यूजीलैंड की संसद से जनजाति नेता को निकाला बाहर

वेलिंगटन। न्यूजीलैंड में एक अनोखा वाकया सामने आया है। यहां की संसद से माओरी जनजाति के नेता राविरी वैटिटी को सिर्फ इसलिए बाहर निकला दिया गया क्योंकि उसने नेकटाई नहीं पहनी थी। राविरी वैटिटी ने नेकटाई पहनने से इनकार करके कहा था कि ऐसा करना उनके अधिकारों का हनन होगा और स्वदेशी एवं संस्कृति को दबाने जैसा होगा। सदन में स्पीकर ट्रेवोर मल्लार्ड ने दो बार राविरी वैटिटी को सवाल पूछने से रोका था। स्पीकर का निर्देश था कि वही सांसद सवाल पूछ सकता है, जिसने नेक टाई पहन रखी हो। हालांकि इसके बाद भी राविरी वैटिटी लगातार सवाल पूछने की जिद पर अड़े रहे तो उन्हें बाहर निकाल दिया गया।

संसद से निकलते हुए राविरी वैटिटी ने कहा कि यह मामला सिर्फ टाई का नहीं है बल्कि सांस्कृतिक पहचान का है। न्यूजीलैंड की संसद को दुनिया की समावेशी संसदों में से एक माना जाता है। देश की संसद में कुल 120 सीटें हैं, जिनमें से आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। संसद में 11 पर्सेंट आरक्षण LGBTQI के लिए तय किया गया है, जबकि 21 पर्सेंट सीटें माओरी जनजाति के प्रतिनिधियों के लिए आरक्षित हैं। बीते साल अक्टूबर में आम चुनाव के बाद देश की संसद में पहली बार अफ्रीकी मूल और श्रीलंकाई मूल के प्रतिनिधियों की एंट्री हुई है।

Gyan Dairy

राविरी वैटिटी को बीते साल ही यह चेतावनी दी गई थी कि यदि वह संसद में नेकटाई पहनकर नहीं आए तो उन्हें बाहर किया जा सकता है। वैटिटी का कहना था कि नेकटाई उपनिवेशवाद की पहचान है और यह पश्चिमी संस्कृति को थोपने जैसा है। मल्लार्ड ने कहा था कि मेरा भी मत है कि टाई अब गुजरे जमाने की बात है, लेकिन तमाम सदस्यों का कहना है कि अभी इसे बना रहना चाहिए। अपना पक्ष रखते हुए माओरी लीडर ने कहा कि यह माओरी जनजाति के अधिकार की बात है। भले ही यह अधिकार पब में लेने की बात हो या फिर संसद में अधिकार की बात हो।

Share