नवाज़ तो शरीफ़ थे फिर घोटाला कैसे, कौन बनेगा पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री

पनामा गेट घोटाले में फंसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर बड़ा फैसला आ चुका  है। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मामले में दोषी करार दिया है और उन्हें PM पद के लिये अयोग्य करार कर  दिया। शराफत का चोला पहने नवाज़ शरीफ ने अदालत के आदेशों के तहत PM पद से इस्तीफा दे दिया ।

3 अप्रैल 2016- पाकिस्तान तहरीके इंसाफ प्रमुख इमरान खान ने मामले को उठाया। शरीफ और परिवार से भ्रष्टाचार के आरोप पर पद छोड़ने की मांग की।

3 अप्रैल 2016 – आईसीआईजे ने भ्रष्टाचार से जुड़े पानामागेट से जुड़े पेपर जारी किए, जिसमें गलत तरीके से दुनिया भर में कंपनियों से जुड़े लोगों के नामों में नवाज शरीफ और उनके परिवार के नाम का खुलासा हुआ। उन पर आरोप लगा कि उनके परिवार के नाम विदेश में गलत तरीके से अर्जित की गई संपत्ति है।

5 अप्रैल 2016 – नवाज ने भ्रष्टाचार पर लगे आरोपों पर सफाई दी और देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वो और उनका परिवार किसी भी तरह के भ्रष्टाचार में लिप्त में नहीं है।

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ को तथ्य छिपाने के लिए संसद की सदस्यता के अयोग्य करार दिया था। इसी के साथ ही उनका प्रधानमंत्री पद भी चला गया था। उन्होंने दुकीबई एक कंपनी का वर्क परमिट होने की जानकारी चुनाव आयोग को नहीं दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर मामले में नवाज शरीफ और उनके दो बेटों व बेटी के खिलाफ मुकदमा चलाने का भी आदेश दिया था। हालांकि, नवाज शरीफ ने शनिवार को अपने को बेगुनाह बताया और कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला क्यों सुनाया है। उन्होंने कहा कि जब मैंने वेतन ही नहीं लिया, तो घोषणा किस चीज की करता। संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने संविधान की सर्वोच्चता कायम रखने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का भी एलान किया।

नवाज और उनके परिवार पर विदेश में संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगा है और इसी को लेकर जेआईटी ने 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। जेआईटी की रिपोर्ट के आधार पर यह आशंका जताई जा रही थी कि  अगर नवाज दोषी पाए जाते हैं तो सुप्रीम कोर्ट उनके विरुद्ध कोई कड़ी सजा ही सुनाएगा। मामले की जांच कर रही संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और नवाज़ शरीफ़ व उनके परिवार वालो को दोषी ठहराया। सुप्रीम कोर्ट के दोषी करार दिए जाने के बाद नवाज शरीफ ने PM  पद से इस्तीफा दे दिया है।

मुस्लिम लीग-नवाज के वरिष्ठ नेता और पूर्व पेट्रोलियम मंत्री शाहिद खाकन अब्बासी पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री होंगे। वह नवाज शरीफ के छोटे भाई और पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ के नेशनल असेंबली पहुंचने तक इस पद पर बने रहेंगे। अब्बासी को नवाज का विश्वासपात्र माना जाता है। शाहबाज के सांसद बनते ही वह इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद शाहबाज को प्रधानमंत्री बना दिया जाएगा।

शाहबाज के प्रधानमंत्री बनने की स्थिति में पंजाब में मुख्यमंत्री का पद रिक्त हो जाएगा। राजनीतिक रूप से अहम इस राज्य की कमान उनके बेटे हमजा को देने की चर्चा चल रही है। हमजा इस समय संसद सदस्य हैं और उनको मुख्यमंत्री बनने के लिए विधानसभा का चुनाव लड़ना पड़ेगा।

शनिवार को पीएमएल-एन संसदीय दल की तीन घंटे चली बैठक में शाहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री बनाने पर सहमति बनी। अब्बासी और शाहबाज के नाम का प्रस्ताव खुद नवाज शरीफ ने रखा, जिसका पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने समर्थन किया। बैठक में नवाज शरीफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने का भी निर्णय लिया गया।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट नहीं है कि नवाज शरीफ कब तक संसद सदस्य बनने के अयोग्य रहेंगे।

पाकिस्तान के कानूनी जानकार भी इस बात को लेकर एकमत नहीं हैं और तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं।

यह आदेश संसद के मौजूदा कार्यकाल तक प्रभावी रहेगा या यह नवाज के लिए ताउम्र की सजा होगी।

पाकिस्तानी कानून के अनुसार शाहबाज जब तक नेशनल असेंबली के लिए निर्वाचित नहीं हो जाते, तब तक वह प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। इसीलिए अब्बासी अंतरिम तौर पर प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालेंगे।

नेशनल असेंबली पहुंचने के लिए शाहबाज शरीफ अपने भाई नवाज शरीफ की रिक्त लाहौर की एनए-120 सीट से चुनाव लड़ेंगे। शरीफ के खिलाफ मुहिम चलाने वाले इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ ने डॉ. यास्मीन राशिद को शाहबाज के खिलाफ उतारने का एलान किया है। इससे पहले 2013 के चुनाव में उन्होंने ही नवाज शरीफ को भी चुनौती दी थी।

पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ ने शौकत अजीज को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री मनोनीत किया था। लेकिन, वे सांसद नहीं थे। इसलिए चौधरी शुजात हुसैन को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया था।

वहीं पाकिस्तान के गृहमंत्री निसार अली खान ने कोर्ट के फैसले से पहले बड़ा ऐलान कर दिया कि फैसला आने के बाद वे अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीति को हमेशा के लिए अलविदा कह देंगे। पाकिस्तान की ऐसी बयानबाजी पे खुद पाकिस्तानियो को यकीन नही होता तो अन्य देशों को कैसे यकीन होगा। SC के आदेश से नवाज़ शरीफ़ अभी स्वम तो PM नही बनेंगे पर PM की कुर्सी को आने ही दिशा निर्देशों से चलाते रहेंगे। इस लिए नवाज़ शरीफ़ PM की कुर्सी पर अपने भाई या पैतरा बदल कर अपनी पत्नी को PM की कुर्सी पर बैठाने का रास्ता जरूर खोज रहे होंगे।

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