जाने सऊदी अरब से जुड़े कुछ रोचक तथ्य (Amazing Facts about Saudi Arabia in Hindi)

सऊदी अरब एक ऐसा देश, जिसके कानून पूरी दुनिया में फेमस हैं. सऊदी अरब को लोग रेत, तेल, शेख और मक्का मदीना की वजह से जानते हैं लेकिन आज हम आपको Saudi Arabia के कानून और ऐसे फैक्ट्स बताएंगे जो आप हमेशा से जानना चाहते थे लेकिन कोई बता नही रहा था.

सऊदी अरब से जुड़े रोचक तथ्य (Amazing Saudi Arabia Facts in Hindi) – सऊदी अरब के रोचक तथ्य :

1

Gyan Dairy
  • हाल के समय में सऊदी अरब जवान हैं यहाँ हर 4 में से 3 आदमी 35 साल से कम उम्र के हैं.
  • सेना पर खर्च करने के मामले में सऊदी दुनिया भर में चौथे स्थान पर है.
  • सऊदी अरब में काम करने वाले 80% मजदूर विदेशी हैं. ज्यादातर मजदूर तेल और गैस सेक्टर में काम करते हैं.
  • इस्लाम में दो शहरों को सबसे पवित्र माना गया है मक्का और मदीना. ये दोनो ही सऊदी अरब में स्थित है यहाँ हर साल लाखों मुसलमान हज यात्रा पर आते हैं. यहाँ गैर-मुस्लिमों को जाने की इजाजत नही हैं.
  • सऊदी अरब का कोई संविधान नही हैं. यह इस बात पर जोर देता है कि पवित्र ग्रंथ कुरान और पैगंबर मोहम्द ही उनके संविधान हैं. दरअसल यह देश शरियत कानून के मुताबिक चलता हैं.
  • सऊदी अरब़ दुनिया का आखिरी ऐसा देश हैं, जिसने महिलाओ को वोट डालने की आजादी दी.
  • सऊदी अरब़ का 95% हिस्सा रेगिस्तान है यहाँ पानी बहुत ही कीमती चीज है पूरे देश में 1 भी नदी या झील नही हैं. यह देश समुंद्र के पानी को भी पीने लायक बना लेता हैं.
  • आपको हैरानी नही होनी चाहिए अगर मैं कहूँ कि यहाँ पानी से सस्ता तेल मिलता हैं. जी हाँ, यहाँ पानी बेश्क कम है लेकिन तेल दुनिया में सबसे ज्यादा यही प्रोड्यूस होता हैं.
  • सऊदी अरब के आम लोग हर रोज लगभग 8 डाॅलर सिगरेट पर खर्च करते हैं.
  • सऊदी अरब़ का रियाद ऊंट बाजार दुनिया का सबसे बड़ा ऊंट बाजार है यहाँ हर रोज लगभग 100 ऊंट बिकते हैं.
  • सऊदी अरब़ मौत की सजा देने वाले देशों में नंबर 4 पर है यहाँ तलवार से गर्दन काटकर मौत देने की सजा सबसे आम है लेकिन हाल के समय में तलवारबाजों की कमी हो गई हैं तो देश किसी दूसरे तरीके पर विचार कर रहा हैं.
  • 2012 तक, सऊदी अरब में ऐसा था कि महिलाओं के सामान वाली दुकान पर भी पुरूष ही काम करते थे. लेकिन फिलहाल ऐसा नही हैं.
  • 2018 तक, दुनिया की सबसे ऊंची ईमारत अतुलनीय किंगडम टाॅवर सऊदी अरब में बनकर तैयार हो जाएगी. यह एक किलोमीटर से भी ऊंची (3280 मीटर) होगी. इसे बनाने में 1.23 अरब डॉलर का खर्चा आएगा.
Share