इस शिव मंदिर में दोबारा जीवित हो जाता है मृत इंसान, जानिए रहस्य

नई दिल्ली। भारत में आपको कई ऐसे मंदिर मिल जायेंगे जो कि आश्चर्यजनक है। जिसमें से कई आश्चर्य ऐसे भी हैं जिनका रहस्य आज तक पता नहीं चला है। लोगों की आस्था के केन्द्र ये मंदिर अपने विशिष्ट पहचान के कारण आज भी श्रद्धा का केन्द्र बने हुए हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां ऐसी मान्यता है कि मृत व्यक्ति भी जीवित हो जाते हैं। ।

यह बाते सुनने में आपको भले ही अजीब लगे लेकिन देश में एक ऐसा भी मंदिर हैं जहां मुर्दे भी उठकर बैठ जाते हैं। इस मंदिर की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली है। उत्तराखंड के देहरादून से 128 किलोमीटर दूर लाखामंडल नामक स्थान पर स्थित इस मंदिर के चमत्कारिक शक्तियों से भरा पड़ा है। हिमालय की वादियों में प्रकृति के गोद में स्थित यह मंदिर मूल रूप से भगवान शिव को समर्पित है। शिव जी

दरअसल, उतराखंड के लाखामाल में स्थित एक प्राचीन व रहस्मयी भगवान शिव के मंदिर की। यहां के लिए लोगों की मान्यता है कि यदि यहां किसी मृत व्यक्ति को लाया जाए तो उसके शरीर में एक बार फिर से जान आ जाती है। बता दें, भगवान शिव का स्थान चारों ओर से पर्वतों से घिरा हुआ है और एक खुदाई के दौरान यहां से भगवान शिव की शिवलिंग प्रकट हुई थी, जिसके बाद यहां मंदिर स्थापित कर दिया गया। यमुना तट पर स्थित यह जगह ‘बर्नीगड़’ के नाम से जानी जाती है। इसी मंदिर के साथ ये प्रथा जुडी हुई है।

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इस मंदिर की मान्यता है कि यदि यहां किसी मृत शरीर को लाया जाता है तो यहां के पुजारी उस पर पवित्र जल का छिड़काव करते हैं जिसके कारण उस मृत शरीर में एक बार के लिए फिर से जान आ जाती है। जैसे ही वह भगवान शिव का नाम लेकर गंगाजल ग्रहण करता है तो उसके शरीर से प्राण निकल जाते हैं और उस आत्मा को हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है। इस बात पर सभी विश्वास करते हैं लेकिन सच्चाई क्या है इसके बारे में कोई नहीं जानता हमारे देश में भी कई चमत्कारिक और रहस्यमयी मंदिर है, जहां लोगों की बड़ी से बड़ी समस्याओं का हल चुटकियों में हो जाता है ऐसा ही एक चमत्कारिक और रहस्यमयी मंदिर है जहां किसी व्यक्ति के शव को लेकर जाया जाए तो उसकी आत्मा उस शव में पुन: प्रवेश कर जाती है और वह इंसान जीवित हो उठता है।

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