इस वजह से शहंशाह अकबर ने नहीं कराई थी अपनी पांच बेटियों की शादी, चौंक जाएंगे आप

नई दिल्ली। मुगल बादशाह अकबर ने अपने शासन काल में कई सराहनीय काम किए और प्रजा का विश्वास हासिल किया। कहते हैं कि अकबर ने अपने शासन काल में सभी धर्मो को समान रूप से आदर दिया था। हालांकि इस पर इतिहासकार एकमत नहीं हैं।
आज हम आपको मुगल बादशाह अकबर के बारे में ऐसी बात बताएंगे जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे। दरअसल, अकबर ने अपनी पांच बेटियों का आजीवन निकाह नहीं कराया। जी, हां अकबर की पांच बेटियां थी जिसमें से एक का भी उसने विवाह नहीं कराया। अकबर की ये पांचो बेटियां शहजादी खानुम, खानुम सुल्तान बेगम, मेहरुंनिशां, अरम बानो बेगम और सक्र उन निशां बेगम था।
अकबर के दरबारी इतिहासकारों का भी कहना था कि बादशाह अकबर को किसी के सामने झुकना पसंद नहीं था। जब अकबर की बेटियां बड़ी हुई तब एक अन्‍य पिता की तरह उसे भी अपनी बेटियों की शादी चिंता सताई लेकिन अकबर को ये लगा कि बेटियों को शादी कराई तो उसे दूल्‍हे और उसके पिता के सामने झूकना पड़ेगा। ये उसे कतई मंजूर नहीं था।
अपने और अपने बेटियों के मान-सम्‍मान को कायम रखने के लिए अकबर ने ये फैसला लिया। अपने पिता के इसी फैसले के चलते अकबर की पांचों बेटियां उम्र भर अपने पिता के महल में ही रही। अकबर की बेटियों के महल में पुरूषों का प्रवेश वर्जित था।
अपनी बेटियों की सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए उसने महल में किन्‍नर सेना को तैनात किया था। अकबर की इस नीति का पालन उसके वंशज ने भी किया। उन्‍होंने भी आजीवन अपनी बेटियों को कुंवारी रखा। अकबर की इस नीति को आप एक पिता के प्‍यार के रूप में देख सकते हैं या फिर इसे उसका जिद कह सकते हैं जिसका खामियाजा उनकी बेटियों को भुगतना पड़ा।
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