देश के इस गांव का हर किसान है करोड़पति, जानें दिलचस्प वजह

नई दिल्ली। भारत एक कृषि प्रधान देश है। हमारे देश में बहुत सारे लघु एवं सीमान्त किसान गरीबी रेखा के नीचे दयनीय स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं। हांलाकि देश में सूखे से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र में एक गांव ऐसा भी है जहां किसानों ने अपनी किस्मत खुद बदली है। इस गांव में 80 से ज्यादा लोग करोड़पति हैं।

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले का हिवरे बाजार गांव के किसान आत्महत्या नहीं करते बल्कि अच्छी और उन्नत खेती करके करोड़पति है। हिवरे बाजार गांव के किसानों के करोड़पति होने के पीछे भी एक रोचक कहानी है।
दरअसल 1990 में यहां 90 फीसदी परिवार गरीब थे। हिवरे बाजार 80-90 के दशक में भयंकर सूखे से जूझ रहे थे। गांव में महज 93 कुएं ही थे। पीने तक के लिए पानी नहीं बचा। कुछ लोग अपने परिवारों के साथ दूसरी जगहों पर चले गए। पानी का स्तर भी 82-110 फीट नीचे पहुंच गया था। फिर लोगों ने खुद को बचाने की कवायद शुरू की।

सूखे से निपटने के लिए 1990 में ज्वाइंट फॉरेस्ट मैनेजमेंट एक कमेटी बनाई गई। इसके तहत गांव में कुआं खोदने और पेड़ लगाने का काम श्रमदान के जरिए शुरू किया गया।

इस काम में, महाराष्ट्र इम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के तहत फंड मिला, जिससे काफी मदद मिली। साल 1994-95 में आदर्श ग्राम योजना आई, जिसने इस काम को और रफ्तार दे दी।

Gyan Dairy

गांव में उन फसलों को बैन कर दिया, जिनमें ज्यादा पानी की जरूरत थी। अब गांव में 340 कुएं है। ट्यूबवेल खत्म हो गए हैं और जमीन का वाटर लेवल भी 30-35 फीट पर आ गया है। यहां सभी लोगों की मुख्य आय खेती से ही होती है।

यहां के लोग सब्जी उगाकर करोड़ों की कमाई कर रहे हैं। खेती करके यहां के 80 से ज्यादा परिवार करोड़पति के दायरे में आ गए हैं। वहीं, 50 से अधिक परिवारों की सालाना इनकम 10 लाख रुपए से ज्यादा है। गांव की प्रति व्यक्ति आय देश के टॉप 10 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों के औसत आय (890 रुपए प्रति माह) की दोगुनी है। यानी पिछले 15 वर्षों में औसत आय 20 गुनी हो गई है।

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