Lockdown में लड़कियां हुईं अवसाद की शिकार, रिसर्च में हुआ खुलासा

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण के लिए पूरी दुनिया लॉकडाउन (Lockdown) के दौर से गुजरी। लॉकडाउन में बहुत सारे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाल ही में सामने आये एक शोध के मुताबिक लॉकडाउन का सबसे बुरा प्रभाव लड़कियों के दिलोदिमाग पर पड़ा है। बहुत सारी युवतियां डिप्रेशन और अकेलेपन का शिकार हो गई हैं।

ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन ने एक रिसर्च में दावा किया है कि लॉकडाउन के दौरान 19 साल से अधिक आयु के लोगों का मानसिक स्वास्थ्य सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। इस अवधि में 37 फीसदी युवतियों और 25 युवकों में डिप्रेशन के लक्षण थे। हालांकि 30 साल की उम्र की युवतियों और महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें ज्यादा रहीं।

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शोधकर्ताओं ने लॉकडाउन के प्रभाव का अध्ययन चार आयु वर्ग के 18000 लोगों पर किया। इनमें 62 साल, 50 साल, 30 साल और 19 साल की उम्र के लोग शामिल थे। ये सभी प्रतिभागी चार और सर्वे में भी शामिल थे जिसके तहत उनकी बचपन से निगरानी की जा रही थी। इस शोध में पाया गया कि लॉकडाउन के दौरान पुरुषों की तुलना में महिलाओं को मानसिक समस्याएं ज्यादा हुईं। 19 साल की उम्र की युवतियों और युवकों में अकेलेपन की समस्या सबसे ज्यादा देखी गई। 30 साल की उम्र के श्रेणी की 37 फीसदी महिलाओं ने अकेलापन महसूस किया जबकि पुरुषों में यह संख्या 25 फीसदी रही। वहीं, 62 साल की उम्र की महिलाओं और पुरुषों में से सिर्फ सात फीसदी ने डिप्रेशन की शिकायत की।

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