भारत में सोने और हीरे की खदानें मे कहाँ-कहाँ पर है और इनसें कैसे और कितना सोना निकलता है.

सोना एक धातु एवं तत्व दोनों है। रासायनिक रूप से यह एक तत्व है जिसका प्रतीक (symbol) Au और धातु के रूप मे यह एक अंतर्ववर्ती धातु है।शुद्ध सोना चमकदार पीले रंग का होता है जो कि बहुत ही आकर्षक दिखता है। जैसा की हम सब जानते है कि यह धातु बहुत कीमती होती है और प्राचीन काल से सिक्के बनाने, आभूषण बनाने एवं धन के संग्रह के लिये प्रयोग की जाती रही है। क्या आप जानते हैं कि सोने का प्रयोग दन्त-चिकित्सा में और एलेक्ट्रॉनिकी में भी किया जाता है |

दूसरी तरफ अगर हम हीरे कि बात करें तो हीरा एक पारदर्शी रत्न है। रासायनिक रूप से यह कार्बन का शुद्धतम रूप है। हीरा ऊष्मा तथा विद्युत कुचालन होता है और बहुत कठोर भी होता है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु बहुत ही शक्तिशाली सह-संयोजी बन्ध द्वारा जुड़े होते हैं |क्या आप जानते है कि प्राक्रतिक पदार्थो में सबसे कठोर पदा‍र्थ हिरा है, इसीलिए इसका प्रयोग कई उद्योगों तथा आभूषणों में किया जाता है। हीरे केवल सफ़ेद ही नहीं होते, अशुद्धियों के कारण इसका शेड नीला, लाल, संतरा, पीला, हरा व काला भी होता है।

आइये देखते है कि भारत में सोना कहाँ पाया जाता है और कितना सोना निकलता है

भारत की सबसे अधिक मात्रा में खपत होने वाली वस्तुओं में सोना प्रमुख है| देश में परिष्कृत सोने का कुल अनुमानित भंडार लगभग 10,000 टन से अधिक है जिसमें सबसे अधिक मात्रा आभूषण के रूप में संग्रहित सोने की है|कोलार गोल्ड फील्ड, हुत्ति गोल्ड फील्ड और रामगिरी गोल्ड फील्ड सबसे महत्वपूर्ण गोल्ड फील्ड्स हैं।

1. कर्नाटका

– भारत में सोने का सबसे बड़ा उत्पादक कर्नाटक है।
– सोने की खदानें कोलार [कोलार गोल्ड फील्ड], धारवाड़, हसन और रायचूर [हुत्ति गोल्ड फील्ड] जिलों में स्थित हैं।
– क्या आप जानतें है कि कोलार गोल्ड फील्ड्स दुनिया की सबसे गहरी खदानों में से एक है। आमतौर पर, सोने की खदानें दुनिया की सबसे गहरी खदानें होती हैं। दक्षिण अफ्रीका में Mponeng सोने की खान दुनिया की सबसे गहरी है (3.9 किमी गहरी) |
– इस राज्य के पास करीबन 17.5 लाख टन सोने के अयस्क के भंडार है जिसमें 42,023 किलो धातु; मुख्य रूप से कोलार, धारवाड़, हसन और रायचूर जिलों में स्थित है |
– यह राज्य भारत मे 88.7 फीसदी सोने का उत्पादन करता है |
– हुत्ति भारत में एकमात्र कंपनी है जो खनन और सोने के अयस्क के प्रसंस्करण से सोने का उत्पादन करती है। हुत्ति गोल्ड माइंस लिमिटेड (एचजीएमएल HGML ) के दो प्लांट्स है जो हुत्ति और चित्रदुर्ग में स्थित है। मुख्य खान, रायचूर जिले में हुत्ति पर स्थित है, उटी (Uti) और Hirabuddini के सैटेलाइट शाखाओं के साथ। हुत्ति एक भूमिगत खदान है, उटी (Uti) ओपन कास्ट माइन, जबकि Hirabuddini एक खोजपूर्ण खदान के रूप में जानी जाती है|

2. आँध्रप्रदेश

– भारत में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक आंध्र प्रदेश है।
– इस राज्य में सोने का अयस्क तकरीबन 7.06 लाख टन और स्वर्ण धातु 37,025 किलो उत्पादित किया जाता है |
– अनंतपुर जिले में Ramagiri आंध्र प्रदेश में सबसे महत्वपूर्ण सोने की खदान है।
– जलोढ़ सोने और placer के भण्डार छोटी मात्रा में व्यापक रूप से नदियों के पास एक बड़ी संख्या में फैले हुए हैं|
– इस राज्य मे अन्य स्वर्ण भंडार के क्षेत्र चित्तूर जिले और Jonnagiri Kumool जिले में Bisanattam और Palachchur में हैं।

3. झारखण्ड

– यह राज्य तकरीबन 344 किलो सोने का उत्पादन करता है, जो कि भारत के कुल सोने के उत्पादन का 11 प्रतिशत से अधिक है|
– सुवर्णरेखा (सोना लकीर) नदी की रेत मे कुछ जलोढ़ सोना पाया जाता है।
– सिंहभूम जिले में सोना नदी इसके लिए महत्वपूर्ण है।
– Sonapat घाटी जलोढ़ सोने के साथ एक और प्रमुख स्थल है|

Gyan Dairy

4. केरल

– Punna Puzha और Chabiyar Puzha नदी के पास के इलाकों मे कुछ मात्रा मे सोना पाया जाता है।
– जलोढ़ सोना Ambankadava Puzha, Chabiyar Puzha में और Mannarkkat के पास की नदियों में पाया जाता है।

अब देखतें है कि भारत मे हीरे की खदानें कहाँ पर स्थित है और कितना हीरा वहाँ से प्राप्त किया जाता है |

भारत के आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश (मध्य प्रदेश) में हीरे के भंडार है। वर्तमान में, मध्य प्रदेश में पन्ना हीरे की खान ही देश में हीरे का उत्पादन कर रही है। यह राज्य के राष्ट्रीय खनिज विकास निगम द्वारा चलाई जाती है।

1. मध्यप्रदेश

– मध्य प्रदेश में पन्ना बेल्ट मुख्य हीरे का उत्पादक क्षेत्र है|
– पन्ना हीरे के लिए चार वर्गीकरण दिए गए है : पहला Motichul, स्पष्ट और प्रतिभाशाली; दूसरा माणिक, नारंगी रंग के साथ; तीसरा पन्ना, हरे रंग में ; चौथा Bunsput, भूरा रंग का।
– मध्यप्रदेश मे हीरे का भंडार तक़रीबन 45,80,336 कैरेट है जो कि 31.5% पन्ना जिले में स्थित हैं|
– हीरे की खान पन्ना जिले के भीतरी इलाकों में स्थित है | पन्ना में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी लिमिटेड NMDC Ltd) भारत सरकार हीरा खनन परियोजना के तहत प्रबंधित होता है | पन्ना में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा हीरे को एकत्र किया जाता है और जनवरी के महीने में इसे नीलाम किया जाता हैं। नीलामी जनता के लिए खुली होती हैं और इसके लिए Rs 5000 जमा करने की आवश्यकता होती है।
– मध्य प्रदेश में बुंदर प्रोजेक्ट संभावित देश की सबसे बड़ी हीरे की खान और प्रोजेक्ट माना जा रहा है, इसके तहत 37 मिलियन टन, जिसमें 27.4 मिलियन कैरट हीरे के अयस्क होंगे | इसके विकसित होने के बाद उम्मीद है कि बुंदर हीरे की खान MP को दुनिया के शीर्ष दस हीरा उत्पादक क्षेत्रों में रख देगा ।

2. आँध्रप्रदेश

– कोल्लूर खदान आंध्र प्रदेश के भारतीय राज्य के गुंटूर जिले में पहला बड़ा हीरा केंद्र दुनिया में सबसे अधिक उत्पादक हीरे की खानों में से एक था।
– यह कृष्णा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।
– क्या आप जानतें है कि प्रसिद्ध हीरा “Tavernier डायमंड ‘ मध्य 17 वीं सदी में कोल्लूर खदान से जीन बैप्टिस्ट Tavernier द्वारा खरीदा गया था।
– यहाँ तक कि कोहिनूर हीरा जो कि एक बड़ा और बेरंग था, संभवतः 13 वीं सदी में आंध्र प्रदेश, भारत में गुंटूर के पास पाया गया था । इसका वजन 793 कैरेट (158.6 ग्राम ) था और कटा हुआ नही था| यह सबसे पहले काकतीय राजवंश के स्वामित्व में था।

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