इस मंदिर में Doctor के रूप में विराजमान हैं हनुमान जी, चुटकियों में ठीक करते हैं लाइलाज बीमारियां

नई दिल्ली। जब हम कभी बीमार होते हैं जो डॉक्‍टर (Doctor) के पास जाते हैं। लेकिन ये मध्यप्रदेश में ग्वालियर और भिंड के आसपास के लोग अस्पताल के स्थान पर हनुमान जी के मंदिर दंदरौआ सरकार पर पहुंचते हैं। इस मंदिर में हनुमान जी डॉक्‍टर (Doctor) के रूप में विराजमान हैं। भक्तों के लिए हनुमान जी का ये मंदिर किसी अस्‍पताल से कम नहीं हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां सिर्फ भभूति लगाने से लाइलाज बीमारियां ठीक हो जाती हैं।

मान्यता है कि इस मंदिर के हनुमान स्वयं अपने एक भक्त का इलाज करने डॉक्टर बनकर पहुंचे थे। इस मंदिर से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालुओं का मानना है कि, डॉ. हनुमान के पास सभी प्रकार के रोगों का कारगर इलाज है।

ग्वालियर मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर और भिंड जिले में स्थित दंदरौआ सरकार पूरे देश में विख्यात हैं। यहां हनुमान जी को डॉ. हनुमान के नाम से जाना जाता है। यहां देश-विदेश के हजारों श्रद्धालु रोज भगवान के दर्शन के लिए आते हैं और डॉ. हनुमान उनके सभी असाध्य रोगों का सटीक इलाज करते हैं।

डॉ. हनुमान के पास सभी प्रकार के रोगों का कारगर इलाज है। यहां भक्त दूर-दूर से आते हैं और हनुमान जी की भभूती से रोगों से मुक्ति पाते हैं। डॉ. हनुमान सभी प्रकार की बीमारियों के डॉक्टर हैं, लेकिन फोड़े, मुहांस और त्वचा संबंधी रोगों के लिए हनुमान जी की भभूती कारगर इलाज है।

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इस मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि एक साधु शिवकुमार दास को कैंसर था। उसे हनुमान जी ने मंदिर में डॉक्टर के वेश में दर्शन दिए थे। वे गर्दन में आला डाले थे, जिसके बाद साधु पूरी तरह स्वस्थ हो गया।

यहां हनुमान जी की जो मूर्ति है वो नृत्य की मुद्रा में है। यह देश की अकेली ऐसी मूर्ति है, जिसमें हनुमान जी को नृत्य करते हुए दिखाया गया है। यह मूर्ति करीब 300 साल पुरानी है और यह दिव्य मूर्ति एक तालाब में मिली थी। दंदरौआ धाम के महंत रामदास जी महाराज बताते हैं कि प्रभु की मूर्ति लगभग 300 साल पूर्व यहां के एक तालाब से निकली थी, जिसे बाद में मिते बाबा नाम के एक संत ने यहां मंदिर में स्थापित करवाया। तब से मूर्ति की पूजा-अर्चना शुरू की गई।

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