यहां शिक्षक छूते हैं छात्रों के पैर, जानिए वजह

नई दिल्ली। सनातन धर्म में बड़े और सम्मानित लोगों के पैर छूने की पुरानी परम्परा है। हमारे देश में गुरू को भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है। इसी कारण से गुरु के भी पैर छूकर उनसे आर्शीवाद लेने की परंपरा बनी हुई है। लेकिन महाराष्ट्र में एक ऐसा स्कूल है जहां शिक्षक अपने छात्रों के पैर छूते हैं। हर सुबह एक परंपरा के चलते ऋषिकुल गुरुकुल विद्यालय में यह नजारा आम है।

भारत में बच्चों को भगवान का रूप माना जाता है, इसलिए उनके पैर छूना भगवान के समक्ष झुकने के समान माना जाता है। गुरुकुल में चल रहे इस क्रम से शिक्षकों के प्रति भी सम्मान की भावना बढ़ गई है। शिक्षक भी यहां बच्चों से आर्शीवाद मांगते हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने से अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी कि हमउम्रों का सम्मान करना चाहिए। यह स्कूल घाटकोपर में संचालित होता है, जो कि महाराष्ट्र राज्य सेकंडरी बोर्ड से जुड़ा है। यह को-एड स्कूल अभी किराये के भवन में ही चलता है।

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