यहां महिलाओं के कुर्सी पर बैठने से लेकर स्कूल जाने तक की मनाही, जानें बोको हराम संगठन के क्रूर नियम

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में इस समय विभिन्न प्रकार के क्रूर आतंकी संगठन सक्रिय हैं, जिनकी दहशत के चलते लोग हमेशा सहमे रहते हैं। ऐसा ही एक कुख्यात आतंकी संगठन बोको हराम नाइजीरिया में सक्रिय है। बोको हराम एक साथ सैकड़ों स्कूली छात्राओं के अपहरण, बम धमाकों और महिलाओं के लिए क्रूर नियम बनाने के लिए कुख्यात है। इसके अलावा ये बम धमाके करने और लोगों को यातनाएं देकर मारने को लेकर भी सुर्खियों में रहता हैं।

आतंकवादी संगठन बोको हराम महिलाओं को कुर्सी तक पर बैठने की मनाही करता है। इसके चलते बोको हराम के प्रभाव वाले नाइजीरियों के पूर्वोत्तर क्षेत्र में महिलाओं ने उसके डर कुर्सी पर बैठना तक बंद कर दिया है।

इसका सबसे ज्यादा खौफ स्कूली छात्राओं में और महिलाओं में हैं। इस गुट के आतंकी कब और किस स्कूल या काॅलेज में धमक जाए, कहा नहीं जा सकता। ये सैंकड़ों की तादाद में हमला करते हैं जिस कारण सुरक्षा बल भी इनका मुकाबला नहीं कर पाते हैं।

इस्लामी वहाबी और सलाफी विचार धारा को मानने वाला आतंकवादी संगठन बोको हराम जब किसी शहरों पर कब्जा करता है तो उसके बाद यह वहां के लोगों विशेष रूप से महिलाओं के संबंध में आश्चर्यजनक कानून बनाता है और यदि कोई उसका उल्लंघन करता है तो उनको कोड़े मारना, हाथ-पैर काटना और गर्दन काटकर सजाएं देता हैं।

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बोको हराम की दहशत के कारण लोगों ने उनके प्रभाव वाले इलाके आस पास अपनी लड़कियों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। इतना ही नहीं इनके डर से महिलाओं ने बाजार जाना छोड़ दिया है। क्योंकि इसकी निगाह में शोरूम में महिलाओं के कपड़े को शोकेस में रखना तक इस्लाम के खिलाफ है।

बोको हराम एक नजर में
इस संगठन का औपचारिक नाम ‘जमात-ए एहले सुन्नी लिदावती वल जिहाद’ है। इन अरबी शब्दों का मतलब है जो लोग पैगंबर मोहम्मद की शिक्षा में और जिहाद फैलाने में यकीन रखते हैं। इस संगठन का केन्द्र नाइजीरिया का मेदुगुरी शहर रहा है। 1903 में उत्तरी नाइजीरिया, निजेर और दक्षिणी केमरून के इलाके जबसे ब्रिटेन ने अपने नियंत्रण में लिए तबसे वहां पश्चिमी शिक्षा का विरोध जारी है। 2002 में बोको हराम का गठन हुआ। इसके संस्थापक नाईजीरियाई मुस्लिम नेता मोहम्मद यूसुफ थे। बोको हराम का मकसद बच्चों को पश्चिमी शिक्षा से दूर कर इस्लामिक शिक्षा देना है। इस संगठन का राजनीतिक मकसद इस्लामिक स्टेट का गठन है।
कुछ समय पहले नाइजीरिया की पुलिस ने बोको हराम के मुख्यालय पर कब्जा कर उसके संस्थापक यूसुफ को मार डाला था। बोको हराम अब न सिर्फ नाईजीरिया तक ही सीमित है बल्कि उसने विस्तार कर पड़ोसी देशों पर भी हमले शुरू कर दिए हैं।

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