UA-128663252-1

यहां अपने पूर्वजों बाल सिर पर सजाती हैं महिलाएं, जानें वजह

नई दिल्ली। दुनिया में बहुत सारी परम्पराएं ऐसी हैं, जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। साउथ वेस्ट चीन के गुइझाऊ मे मिआओ जनजाति रहतीं है। इस मिआओ समुदाय के बारे मे कहा जाता है कि “कुछ लोगों के लिए उनका इतिहास किताबों में होता है लेकिन मिआओ समुदाय के लिए उनका इतिहास उनके सिर पर होता है। ऐसा मिआओ समुदाय की एक विशेष परम्परा के कारण कहा जाता है जिसमें कि मिआओ समुदाय की औरतें अपने पूर्वजों (कई पीढियों) के बालों से तैयार हेड ड्रेस (जिसे कि आप एक तरह का विग भी कह सकते है) पहनती है।

मिआओ समुदाय में महिलाये कंघी करते वक्त निकलने वाले बालों को कभी फेंकती नहीं हैं, बल्कि उन्हें एक जगह जमा करती हैं। ये रिवाज यहां सदियों से जारी है और आज भी इसका बड़ी कड़ाई से पालन होता है। सदियों से इस तरह से इकटृठे होते आ रहे बालों से मिआओ समुदाय कि स्त्रियां सिर पर पहने जाने वाली एक विशेष प्रकार कि हेड ड्रेस बनाती है, जिसे कि लकड़ी के बने सींगो के ऊपर बनाया जाता है। इसमें लकडी के सींगो का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि मिआओ कबीले में, हिन्दू धर्म कि तरह गायों को बहुत पवित्र माना जाता है। इस तरह बानी हेड ड्रेस को जवान महिलायें तथा लडकियां विशेष अवसरो पर पहनती हैं। प्रत्येक परिवार में यह विग माँ द्वारा बेटी को विरासत के तौर पर दी जाती है। बहुत पहले मिआओ समुदाय के पुरूष भी इस तरह कि हेड ड्रेस पहना करते थे लेकिन अब केवल महिलायें ही यह पहनती हैं। मिआओ समुदाय की आबादी अब 5000 से भी कम है।

Gyan Dairy
Share