इस देश में कुंओं से पानी की जगह निकलता है पेट्रोलियम, जानें क्या पीते हैं लोग

नई दिल्ली। सऊदी अरब एक ऐसा देश है जिसकी जहां की माटी में सिर्फ रेत ही रेत है। पेट्रोलियम की वजह से यह देश अमीर बना है, लेकिन यहां पीने योग्य पानी की भारी कमी है। यहां एक भी नदी या प्राकृतिक झील नहीं है। पानी के कुंओं में भी यहां पानी की जगह पेट्रोलियम निकलता है। आज हम आपको बताएंगे कि सऊदी अरब के लोग पानी न होने पर क्या पीते हैं।

सऊदी अरब के पास अब भूमिगत जल थोड़ा बहुत ही बचा है और वो भी बहुत नीचे है। आने वाले कुछ सालों में वो भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इस देश की महज एक फीसदी जमीन ही खेती के लायक है और उसमें भी कुछ-कुछ सब्जियां ही उगाईं जाती हैं, क्योंकि धान और गेहूं जैसी फसलें उगाने के लिए उसे भारी मात्रा में पानी की जरूरत पड़ेगी। हालांकि एक बार यहां गेहूं की खेती शुरू की गई थी, लेकिन पानी की कमी के चलते बाद में उसे ये बंद करनी पड़ी। सऊदी को अपना खाने-पीने का सारा सामान विदेशों से ही खरीदना पड़ता है।

सऊदी अरब में पहले पीने योग्य पानी के बहुत सारे कुएं थे, जिनका इस्तेमाल हजारों सालों से होता आ रहा था, लेकिन जैसे-जैसे आबादी बढ़ती गई, भूमिगत जल का दोहन भी यहां बढ़ता गया। इसके कारण धीरे-धीरे कुंओं की गहराई बढ़ती गई और कुछ ही सालों में कुएं पूरी तरह सूख गए। यहां बारिश भी साल में एक या दो दिन ही होती है।

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ऐसे में उस पानी को जमा करना संभव है नहीं और न ही उससे भूमिगत जल के दोहन की भरपाई ही होती है। यहां समुद्र के पानी को पीने लायक बनाया जाता है। वैसे तो समुद्र के पानी में नमक की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए डिसालिनेशन यानी विलवणीकरण के द्वारा समुद्र के पानी से नमक को अलग किया जाता है और तब जाकर वह पीने लायक बनता है। सऊदी अरब तेल से हुई बेशुमार कमाई का एक हिस्सा तो समुद्र के पानी को पीने लायक बनाने में ही खर्च कर देता है।

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