मंदिर की सीढ़ियों से निकलती है संगीतमय (Musical) धुन, जानें ऐरावतेश्वर का रहस्य

नई दिल्ली। कहते हैं कि प्रकृति स्वयं में संगीतमय (Musical) है। एकांत में बैठकर आप हवाओं में संगीत की धुन सुन सकते हैं। चिड़ियों की चहचहाहट अपने आप में संगीत मय है। लेकिन क्या कभी किसी सीढ़ियों से संगीत की धुन निकलते देखा है। भारत में एक ऐसा मंदिर है, जिसकी सीढ़ियों से संगीत की धुन निकलती है। इस मंदिर का नाम ऐरावतेश्वर है और ये दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में कुम्भकोणम के पास दारासुरम में स्थित है।

ऐरावतेश्वर मंदिर के देवता भगवान शिव हैं। इस मंदिर को राजा राज चोला ने 12वीं सदी में बनवाया था। इसका नाम भी भगवान शिव के नाम पर ही रखा गया है। यह मंदिर देखने में बहुत ही शानदार और खूबसूरत है। इसकी बनावट और आकर्षण को समझना बहुत कठिन है। स्थानीय लोगों के मुताबिक मंदिर में भक्तों को अनोखी शांति मिलती है।

इस मंदिर के एक हिस्से में तीन सीढ़ियां बनी हैं। जिस पर पैर रखने पर संगीत की अलग-अलग धुन निकलती है। यह एकदम वैसा है, जैसे किसी संगीत के उपकरण से धुनों का निकलना। इस पर वैज्ञानिकों ने काफी खोज की, लेकिन 800 सालों में धुन निकलने के रहस्य से पर्दा नहीं उठ पाया। इसकी तमाम खासियतों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने 2004 में इसे विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया था। मंदिर के इस रहस्य को देखने और समझने के लिए दुनियाभर से हजारों लोग यहां पर आते हैं।

Gyan Dairy

इस मंदिर के स्तम्भ 80 फीट ऊंचे हैं और पत्थरों पर सुंदर नक्काशियां की गई हैं। इस मंदिर में दो भाग हैं। पहला भाग पत्थर का विशाल रथ है, जिसे घोड़े खींच रहे हैं। वहीं दूसरे भाग को बलि देने के लिए बनवाया गया था, जिस वजह से इसे बलिपीठ कहते हैं। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां देवताओं के राजा इंद्र के सफेद हाथी ऐरावत ने शिव जी की अराधना की थी और तभी से इस मंदिर का नाम ऐरावतेश्वर मंदिर हो गया।

Share