पाकिस्तान के इन मंदिरों में हिंदू ही नहीं मुसलमान भी झुकाते हैं सिर

नई दिल्ली।  भारत अपनी संस्कृति, धर्म और मंदिरों के लिए पूरी दुनिया में अलग पहचान रखता है। देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान का जन्म हुआ तो वहां भी हमारी प्राचीन धरोहरों का एक हिस्सा छूट गया। इस्लाम देश होने के बावजूद पाकिस्तान के कई मंदिरों में हिन्दू ही नहीं बल्कि मुसलमान भी सिर झुकाते हैं।
 पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित हिंगलाज मंदिर अपनी पौराणिक कथा से जाना जाता है। दरअसल इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि विष्णु भगवान ने सती माता का शीश काटने के लिए चक्र फेंका था। उस चक्र से शीश कटकर जिस जगह पर गिरा, यह वही जगह है। दरअसल ये मंदिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान से 120 किलोमीटर की दूरी पर हिंगुल नदी के तट पर स्थित है। ये मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है।
इसके अलावा कराची स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर को लेकर यह मान्यता है कि यह मंदिर करीब 2000 साल पुराना है। त्रेतायुग से 17 लाख साल पुरानी हनुमान जी की एकमात्र मूर्ति इसी मंदिर में स्थापित है। इस मंदिर का पुनर्निर्माण साल 1082 में कराया गया था। भारत में राम मंदिर को लेकर हर राम भक्त के अंदर बहुत गहरी आस्था है। लेकिन पाकिस्तान में भी कुछ राम मंदिर स्थित हैं जिनमें सबसे विशेष इस्लाम कोट का राम मंदिर है।
स्वामी नारायण मंदिर पाकिस्तान के कराची शहर के बंदर रोड पर स्थित है। ये मंदिर करीब 32,306 हजार स्कवेयर यार्ड में बना हुआ है। यह मंदिर करीब 160 साल पुराना है। यहां मुलमान भी मत्था टेकते हैं। यही नहीं जब देश का बटवारा हो रहा था तो उस दौरान इस हिंदू मंदिर का उपयोग रिफ्यूजी कैंप की तरह किया गया था। इस मंदिर के परिसर में एक गुरु नानक गुरुद्वारा भी मौजूद है।
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