इस गांव में किसी को बुलाने के लिए सीटी बजाते हैं लोग, जानें वजह

नई दिल्ली। हम एक विविधतापूर्ण देश में रहते हैं। यहां पर हर स्थान की अलग कहानी है। हमारे यहां एक ऐसा गांव भी है, जहां पर किसी को बुलाने के लिए उनका नाम नहीं लिया जाात बल्कि सीटी बजाई जाती है।
उत्तर पूर्वी राज्य मेघालय के कांगथांन गांव में एक दूसरे को बुलाने के लिए लोग नाम का नहीं बल्कि सीटी का इस्तेमाल करते हैं। मेघालय के कांगथांन का यह गांव काफी छोटा है और काफी खूसबूरत पहाडिय़ों के बीच बसा हुआ है। इस गांव में सभी लोग एक दूसरे को सीटी बजाकर ही बुलाते हैं और इस वजह से इस गांव का नाम ‘व्हिसलिंग विलेज’ पड़ गया है।

इस गांव में खासी जनजाति के लोग रहते हैं और यहां पर हर एक शख्स के दो नाम होते हैं, लेकिन फिर भी लोग एक दूसरे को सीटी मारकर ही बुलाते हैं। इस गांव के लोगों का दूसरा नाम व्हिसलिंग ट्यून नेम होता है। जिस कारण से ही लोग एक दूसरे को बुलाने के लिए इस व्हिसलिंग ट्यून नेम का प्रयोग करते हैं। हर शख्स की व्हिसलिंग ट्यून नेम अलग-अलग है।

इस रिवाज के पीछे भी काफी दिलचस्प कहानी है। दरअसल जब इस गांव में कोई भी बच्चा पैदा होता है तो यह धुन उस बच्चे की मां ही उसे देती है। जिसके बाद पूरे गांव वाले भी उसे इसी धुन से बुलाते हैं।

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इस गांव में कुल 109 परिवार रहते हैं और जिनको मिलाकर यहां पर कुल 627 लोग रहते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि इस गांव में लोगों के हिसाब से 627 व्हिसलिंग ट्यून हैं। इस गांव में आने के बाद चिडिय़ों की चहचहाने की तरह ही लोगों के मुंह से भी अलग-अलग धुनें सुनाई देती हैं।

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