इस बंगले में 115 सालों भटक रही हैं आत्माएं, जानें खौफनाक सच

नई दिल्ली। दुनिया में भूतों की मौजूदगी के बारे में कई तरह की कहानियां प्रचलित हैं। लेकिन आज तक कोई न तो इन्हें झुठला सका है और न ही भूतों के बारे में कोई ठोस प्रमाण ही मिला है। आज आपको देवभूमि उत्तराखंड के अबोट माउंट के बारे में बता रहे हैं। यहां सदियों पुराना एक रहस्यमयी बंगला आज भी खामोशी से सांसें ले रहा है। अबोट माउंट के एक रहस्यमयी बंगले से जो आवाजें सुनाई देती है, ये आवाजें किसी भी कमजोर दिल वालों के होश उड़ा देने के लिए काफी है। उस रहस्यमयी बंगले का नाम एबी है।

एबी के कारण अबोट माउंट के इस गांव को देश के 10 सबसे डरावनी जगहों में शामिल किया जाता है। ऐबी को आज से लगभग 115 साल पहले यानी साल 1905 में बनाया गया था और इस बंगले में रहते थे एक अंग्रेज डॉक्टर मौरिस।

कुछ समय के बाद साल 1921 में इस बंगले को अस्पताल में तब्दील कर दिया गया और यहीं से शुरू होती है इसकी खौफनाक कहानी. स्थानीय निवासी डॉ रवि सिन्हा बताते हैं कि एक समय में डॉक्टर मौरिस ऐबी बंगले में लोगों का इलाज करते थे।

उनका कहना है कि डॉक्टर मौरिस के पास कुछ अजीब सी शक्तियां भी थीं। मैरिस का संपर्क सीधे रहस्यमयी आत्माओं से था, जिसके कारण से उन्हें पहले ही पता लग जाता था कोई व्यक्ति किस दिन मरेगा।

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इसी रहस्य के कारण डॉक्टर मौरिस बंगले के जिस कमरे में रहते थे, उसे मुक्ति कोठरी कहते हैं। इस मामले में बरसों पुरानी किंवदंती है कि उसी मुक्ति कोठरी में डॉक्टर मौरिस इंसानों के शरीर की चीरफाड़ करते थे। साथ ही कुछ ऐसे भी रहस्यमयी प्रयोग करते थे, जिसकी जानकारी किसी को नहीं थी।

गांव के बच्चे-बच्चे यही दावा करता है कि बंगले में डॉक्टर मौरिस की आत्मा आज भी मौजूद है। इसके अलावा लोगों को बंगले के आसपास साए भी दिखाई देते हैं, जिनकी मौत उस मुक्ति कोठरी में हुई थी। एक अन्य स्थानीय निवासी हरीशचंद्र पुनेठा ने बताया कि वहां तो दिन में भी अंधेरा-अंधेरा सा रहता है। उन्होंने बताया कि करीब 10 साल पहले वो भी गए थे, उस जगह पर तो डर गये थे।

उस बंगले के आसपास कुछ अजीब से हादसे होते हैं और शाम ढलते ही लोगों को वहां कुछ अनजान साए दिखाई देने लगते हैं। एबोट माउंट के इस भूतहे बंगले के चारों तरफ पहरा लगाया गया है। कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि बंगले के अंदर जाने के सारे रास्ते बंद किए जा चुके हैं।

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