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96 सालों से सुरक्षित है रूसी क्रांति के जनक लेनिन का शव, जानें वजह

नई दिल्ली। दुनिया में लोग अपने चाहनों वालों के लिए क्या कुछ नहीं कर गुजरते हैं। ऐसा ही कुछ रूस की सरकार ने किया है। रूस की सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी क्रांतियों में से एक रूसी क्रांति के सबसे बड़े किरदार व्लादीमीर लेनिन को अब तक बचा कर रखा है। व्लादीमीर लेनिन के नेतृत्व में ही रूस जार शासन से मुक्त हुआ था। रूसी क्रांति के बाद साल 1922 में सोवियत संघ बना था।

सोवियत संघ के गठन के दो साल बाद ही 1924 में व्लादीमीर लेनिन ने दुनिया को अलविदा कह दिया। लेकिन 96 साल पहले मर चुके लेनिन की डेड बॉडी अभी तक रूस में सुरक्षित है। व्लादीमीर लेनिन का मृत शरीर साल दर साल तरोताजा होता जा रहा है।

लेनिन के निधन के बाद से अबतक कई पीढ़ियां गुजर चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद भी उनके शव को अच्छे तरीके से रखने के लिए रूसी वैज्ञानिकों ने काम किया है। ऐसे में लेनिन का शव ना केवल अच्छा दिखता है, बल्कि उसमें ताजगी भी नजर आती है। उनके शव को देखकर एक बार ऐसा लगता है कि वे मरे नहीं बल्कि जीवित हैं।

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कहा जाता है कि व्लादीमीर लेनिन की मौत से तीन महीने पहले साल 1923 में एक गोपनीय बैठक हुई। इस बैठक में ये तय किया जाना था कि मौत के बाद लेनिन के शव को लेकर क्या रणनीति होगी। उस समय सोवियत संघ के मुखिया जोजेफ स्टालिन का प्रस्ताव था कि लेनिन का शव आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाए।

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