सनकी अंग्रेज अफसर ने कराई थी पेड़ की गिरफ्तारी, 122 साल बाद भी नहीं हुई रिहाई

नई दिल्ली। हमारे देश को आज़ादी दिलाने के लिए लाखों वीरों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए और अनगिनत लोगों ने जेल की सज़ा काटी। क्रूर अंग्रेजों ने हमारे देश के इंसानों पर नहीं बल्कि बेजुबान जानवरों और पेड़ों तक पर बेतहाशा जुल्म किया था। एक नशेड़ी अंग्रेज अधिकारी ने पेड़ को ज़ंजीरों से जकड़ने का भी हुक्म दिया था। अब आप सोच रहे होंगे कि पेड़ को कोई गिरफ़्तार कर सकता है।
यह सत्य घटना आज से करीब 122 साल की है। पहले एक अंग्रेज अधिकारी ने नशे की हालत में एक पेड़ को गिरफ़्तार किया था, जो आज तक ज़ंजीरों से जकड़ा हुआ है। यह घटना 1898 की है, जब भारत-पाकिस्तान का बंटवारा नहीं हुआ था। पाकिस्तान के खैबर पख़्तूनख़्वाह स्थित लंडी कोटल आर्मी कैंटोनमेंट में तैनात एक अंग्रेज अधिकारी जेम्स स्क्विड ने एक दिन ख़ूब शराब पी। शराब के नशे में धुत होकर वह पार्क में घूम रहा था। नशे की हालत में अधिकारी को लगा कि एक पेड़ उसकी तरफ़ आ रहा है और हमला करके उसकी जान लेना चाहता है। अंग्रेज अधिकारी ने तुरंत सार्जेंट को आदेश दिया कि पेड़ को गिरफ़्तार कर लिया जाए।

कुछ सालों बाद देश आजाद हुआ और उसका बंटवारा हो गया। वर्तमान पाकिस्तान में अब तक उस पेड़ को ज़ंजीरों से आज़ाद नहीं किया गया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह पेड़ अंग्रेजों के ज़ुल्म का नमूना है। इसे देखकर लोगों को इस बात का अंदाज़ा होगा कि किस तरह अंग्रेज हम लोगों पर ज़ुल्म करते थे। आज भी उस पेड़ पर एक तख़्ती लटकी हुई है, जिसपर लिखा है, ‘आई एम अंडर अरेस्ट’। तख़्ती पर उस घटना के बारे में भी विस्तार से लिखा गया है। हालाँकि, आज भारत से अंग्रेज चले गए और दोनों देश अलग भी हो चुके हैं, लेकिन ये पेड़ आज भी अंग्रेज़ी हुकूमत के अजीबो-गरीब कानून की याद दिलाता है। इसे देखकर समझा जा सकता है कि कुछ अंग्रेज अधिकारी काफ़ी सनकी थे।

Gyan Dairy

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