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छत्रपति शिवाजी, मुगल और अंग्रजों के लिए भी चुनौती था ये किला, कोई नहीं हासिल कर सका फतह

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में अरब सागर के बीच एक ऐसा किला है जिसे छत्रपति शिवाजी महराज से लेकर खुंखार मुगल सम्राट और अंग्रेज भी अपने कब्जे में नहीं कर सके। इस किले पर कब्जे के लिए कई बार हमले हुए लेकिन कोई भी इस किले के अंदर घुस नहीं सका।

इस अनोखे किले का नाम मुरुद-जंजीरा किला है। यह किला रायगढ़ जिले के मुरुद गांव में स्थित है। ये किला अरब सागर के बीच एक आइलैंड पर बना है। इसकी दीवारें करीब 40 फीट ऊंची हैं। इसका निर्माण अहमदनगर सल्तनत के मलिक अंबर की देखरेख में 15 वीं सदी में हुआ था। 15 वीं सदी में राजापुरी (मुरुद-जंजीरा किले से 4 किमी दूर) के मछुआरों ने खुद को समुद्री लुटेरों से बचाने के लिए एक बड़ी चट्टान पर मेधेकोट नाम का लकड़ी का किला बनाया। इस किले को बनाने के लिए मछुआरों के मुखिया राम पाटिल ने अहमदनगर सल्तनत के निज़ाम शाह से इजाज़त मांगी थी।

हालांकि बाद में अहमदनगर सल्तनत के थानेदार ने इस किले को खाली करने कहा तो मछुआरों ने विरोध कर दिया। इसके बाद अहमदनगर के सेनापति पीरम खान एक व्यापारी बनकर सैनिकों से भरे तीन जहाज लेकर पहुंचे और किले पर कब्ज़ा कर लिया।
पीरम खान के बाद अहमदनगर सल्तनत के नए सेनापति बुरहान खान ने लकड़ी से बने मेधेकोट किले को तुड़वाकर यहां पत्थरों से किला बनवाया।
इस किले का निर्माण 22 वर्षों में हुआ था। यह किला 22 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें 22 सुरक्षा चौकियां हैं। ब्रिटिश और पुर्तगालियों सहित कई मराठा शासकों ने इसे जीतने का काफी प्रयास किया था, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। इस किले में सिद्दीकी शासकों की कई तोपें अभी भी रखी हुई हैं,जो हर सुरक्षा चौकी में आज भी मौजूद हैं।

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भारत के पश्चिमी तट का यह एक मात्र ऐसा किला है,जो दुश्मनों द्वारा कभी जीता नहीं गया। यह किला 350 वर्ष पुराना है। इस किले में मीठे पानी की एक झील है। समुद्र के खारे पानी के बीच होने के बावजूद इस झील में मीठा पानी आता है। यह मीठा पानी कहां से आता है इस बात पर आज भी रहस्य कायम है। इसमें एक शाह बाबा का मकबरा भी है। अरब सागर में स्थित यह किला समुद्र तल से 90 फीट ऊंचा है। इतिहास में यह किला जंजीरा के सिद्दीकियों की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध है।

मुरुद-जंजीरा किले का दरवाजा दीवारों की आड़ में बनाया गया है। जो किले से कुछ मीटर दूर जाने पर दीवारों के कारण दिखाई देना बंद हो जाता है। यही वजह रही है कि दुश्मन किले के पास आने के बावजूद चकमा खा जाते हैं और किले में घुस नहीं पाते हैं।

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