UA-128663252-1

ये है दामादों का गांव, नहीं होती लड़की विदाई

नई दिल्ली। हमारे देश में रिवाज है कि लड़कियां शादी के बाद अपनी ससुराल चली जाती हैं। हालांकि देश में ही एक ऐसी जगह भी है, जहां शादी के बाद लड़कियां ससुराल नहीं जाती बल्कि दामाद ही लड़की के घर आकर रह जाता है। यूपी के कौशांबी जिले में स्थित इस गांव का नाम हिंगुलपुर है। हिंगुलपुर को दामादों का पुरवा यानी दामादों के गांव के नाम से भी जाना जाता है।

बुजुर्गों का कहना है कि दशकों पहले गांव के लोगों ने तय किया कि लड़कियों को शादी के बाद मायके में ही रखा जाएगा। हिंदुओं के साथ ही गांव के मुस्लिम समुदाय ने भी इस पर सहमति जता दी। इसके बाद हिंगुलपुर गांव की लड़कियों के रिश्ते इस हिसाब से होने लगे कि लड़का गांव आकर ही रहने लगे।

हालांकि ग्रामीणों ने इसका भी इंतजाम किया कि गांव में रहने आ रहे दामाद को रोजगार की भी दिक्कत ना हो। इसके लिए ग्रामीण मिलकर व्यवस्था करते हैं। हिंगुलपुर गांव में आसपास के जिलों कानपुर, फतेहपुर, प्रतापगढ़, इलाहाबाद और बांदा के दर्जनों दामाद रह रहे हैं। इस गांव की विवाहित लड़कियां अपने पतियों के साथ घर-गृहस्थी बसा लिया है।

Gyan Dairy

शादी के बाद भी लड़कियों को अपने साथ रखने के पीछे एक बड़ी वजह ये भी है कि बेटी की शादी कहीं दूर करने पर दूसरे परिवार के बारे में सारी जानकारी नहीं मिल पाती है। कई बार आधी-अधूरी जानकारी पर ही रिश्ता जोड़ दिया जाता है, जिसके वजह से दोनों ही पक्ष परेशान होते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए कई इलाकों में बेटी के साथ दामाद को घर बसाने का रिवाज चलन में है।

Share