इस पेंटर ने ब्रश से लिखी ‘रामचरितमानस’, मुस्लिम ने की बाईडिंग

नई दिल्ली। हमारे देश में भगवान श्रीराम और उनके जीवन पर गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित ‘रामचरितमानस’ का बहुत बड़ा महत्व है। श्रीरामचरित मानस का दुनिया की कई भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। राजस्थान के जयपुर में रहने वाले एक कलाकार ने श्रीरामचरितमानस को पेंट और ब्रश की मदद से लिखा है।

जयपुर में रहने वाले शरद माथुर ने एक पेंट ब्रश से 3,000 से अधिक पृष्ठों वाली ‘रामचरितमानस’ की रचना की है। उनकी इच्छा अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर में इसे दान में देने की है। उनका यह प्रयास वाकई में अद्वितीय है। उन्होंने बताया कि मैं भगवान राम को प्रार्थनाओं के अलावा कुछ और अनोखा देने की चाह रखता था। इसलिए पेंट और ब्रश के सहारे बड़े अक्षरों में रामचरितमानस लिखने का ख्याल आया। इसमें प्रत्येक शब्द 1-1.5 इंच का है और पूरी किताब का वजन 150 किलोग्राम है।

उन्होंने आगे कहा कि अधिकांश बुकबाइंडर्स ने तकनीकी कारण का हवाला देते हुए इसे बांधने से इनकार कर दिया, फिर मुबारक खान आगे आए और इसे बांधने का काम खुद के जिम्मे लिया।

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शरद माथुर ने कहा कि मैंने कई बुकबाइंडिंग यूनिट से बात की, लेकिन कोई भी इस काम को अंजाम न दे सका, लेकिन मुबारकभाई ने अपने कलात्मक प्रयास से सांप्रदायिक सौहार्द की एक कड़ी को जोड़कर एक उत्कृष्ट काम किया है। शरद ने यह भी कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बन जाने के बाद वह वहां जाकर भगवान राम को अपनी यह सेवा दान में देना चाहते हैं।

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