गिरगिट से ज्यादा रंग बदलता है ये सांप, जानें रहस्य

नई दिल्ली। गिरगिट के रंग बदलने के बारे में तो हर कोई जानता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सांप की एक प्रजाति भी रंग बदलने में माहिर है। झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी प्रखंड के स्नेक हाउस में एक विलुप्त प्रजाति का एक सांप मिला है।
आपको बता दें कि ‘कॉपर हेडेड त्रिंकेट’ प्रजाति का यह सांप झारखंड में बहुत कम पाया जाता है। पूर्वोत्तर के राज्यों में इस प्रजाति के सांप बहुतायत में पाये जाते हैं। बोलुब्रिडाई परिवार के सांप की यह प्रजाति उत्तराखंड तक के हिमालयी क्षेत्र में मिलते हैं। झारखंड, बिहार, ओड़िशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और आंध्रप्रदेश में भी ये सांप पाये जाते हैं, लेकिन यहां बहुतायत में नहीं मिलते।

सदाबहार के जंगल इनके प्रिय स्थान हैं। पानी के आसपास रहना पसंद करते हैं। पूर्वोत्तर भारत के इलाके इन्हें बेहद प्रिय हैं। इस प्रजाति के सांप गुफाओं में, मिट्टी के मेड़ों पर और लकड़ी के बीच छिप कर रहते हैं। लालिमा लिये भूरे शरीर पर चार काली धारियां इसकी विशिष्ट पहचान है। इसका सिर तांबे के रंग का होता है। यह सांप कभी भी अपना रंग बदल लेता है। जन्म के समय इसकी लंबाई 25-30 सेंटीमीटर होती है। इसकी औसत लंबाई 150 सेंटीमीटर और अधिकतम लंबाई 230 सेंटीमीटर तक होती है।

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