स्वर्ग से धरती पर उतरा था ये पेड़, भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा है रहस्य

नई दिल्ली। दुनिया में कई ऐसे पेड़ है जो अपने गुणों के चलते अलग पहचान रखते हैं। आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका ताल्लुक महाभारत काल से है। मान्यता जाता है ये पेड़ स्वर्ग से पृथ्वी पर लाया गया था। पूरी धरती पर ये अपनी तरह का अनोखा पेड़ है।

यूपी के बाराबंकी जिले के किन्तूर गांव में स्थित इस पेड़ के बारे में कहा जाता है कि ये स्वर्ग से लाया गया पारिजात का पेड़ है। पारिजात वृक्ष पूरी दुनिया में अपने आप में एक बिलकुल अलग ही वृक्ष है। इस पारिजात वृक्ष की कलम भी कभी तैयार नहीं होती है।

पारिजात वृक्ष पर जून के आस पास बेहद खूबसूरत सफ़ेद रंग के फूल खिलते हैं। लेकिन पारिजात वृक्ष के फूल केवल रात को ही खिलते हैं। सुबह होते ही यह अपने आप ही मुरझा जाते हैं।

ऐसा बताया जाता है कि अगर कोई व्यक्ति इस पेड़ को छूता है उसकी थकान गायब हो जाती है। हालांकि इस पेड़ पर कभी फल नहीं आते है। बता दें कि ये पेड़ औषधीय गुणों से परिपूर्ण है। लेकिन इस पेड़ पर कई सारी कथाएं प्रचलित मानी जाती है।

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मान्यता है कि देवराज इंद्र के शाप से इस वृक्ष पर फल नहीं आते हैं। इस पेड़ की उत्पति समुंद्र मंथन के समय हुई थी। पौराणिक मान्यताओं को आधार पर इंद्र देव में इस वृक्ष को लाकर अपने बगीचे में लगाया था।

हरिवंश पुराण के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी सत्यभामा ने उनसे परिजात को स्वर्ग से धरती पर लाने की जिद की थी। भगवान कृष्ण ने नारद मुनि को ये पेड़ लेने स्वर्ग लोक भेजा लेकिन इंद्र देने ने उनका ये आदेश नहीं माना। श्री कृष्ण भगवान नाराज हो गए और स्वर्ग लोक पर हमला कर दिया और परिजात नामक पेड़ को हासिल कर के ले आए।

परिजात वृक्ष के छीन जाने की वजह से उसी समय इन्द्र देव ने शाप दे दिया कि इस वृक्ष पर कभी भी फल नहीं आएंगे। परिजात वृक्ष के फूलों का रंग सफेद होता है। ये फूल जब सुख जाते हैं तो हल्के सुनहरे रंग के नजर आने लगते हैं।

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