अपनी जीवनकाल में एक बार भी नहीं हंसी(laugh) ये महिला, जानें रहस्य

नई दिल्ली। दुनिया भर में बहुत सारे लोग अपनी अनोखी मुस्कान के लिए जाने जाते हैं। आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपनी पूरी ज़िन्दगी में कभी हंसी(laugh) ही नहीं। इस महिला को बड़े से बड़े कॉमेडियन नहीं हंसा सके। साल 1880 से 1930 तक वॉडविले अमेरिका में मनोरंजन का सबसे लोकप्रिय रूप रहा।

वॉडविले में हंसाने वाले छोटे कृत्यों की एक अनेक श्रृंखला शामिल है। यह 6 से 15 मिनट लंबी होती है। उस समय हर बड़े शहर में अपना स्वयं का वॉडेविले थियेटर था। इसी तरह न्यूयॉर्क के लिए हैमरस्टीन था। 19वीं शताब्दी के आखिरी में विक्टोरिया थिएटर मोगुल ऑस्कर हैमरस्टीन द्वारा खोला गया न्यूयॉर्क का प्रमुख अमेरिकी वाडेविले था। इसके ऊपर बाद में पैराडाइज रूफ गार्डन बनाया गया। फिर दोनों स्थानों को सामूहिक रूप से हैमरस्टीन का नाम दे दिया गया। साल 1904 से 1914 तक ऑस्कर के बेटे विली हैमरस्टीन ने यह घर चलाया।

इस घर में सोबर सू एक्ट होता था। सोबर सू के उपनाम से एक कलाकार रूफ गार्डन में मंच पर दिखाई देता था। उसे “जो लड़की कभी हंस नहीं सकती” के रूप में संदर्भित किया जाता था। तब थिएटर निर्माताओं ने 1000 डॉलर का पुरस्कार देने का ऐलान किया जो सोबर सू के चेहरे पर मुस्कान ला सके। इस ऐलान को लेकर दर्शकों में से कुछ लोग मंच पर आए। इन लोगों ने मजाकिया चेहरे बनाए और सबसे अच्छे चुटकुले सुनाए।

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हालांकि सोबर सू पर इसका कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद पेशेवर कॉमेडियन को बुलाया गया। उन्होंने उस लड़की को हंसाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो भी असफल रहे। बता दे कि सोबर सू के भावहीन चेहरे के बारे में अलग अलग सिद्धांत निकाले गए। कुछ लोगों ने कहा कि वह अंधी या बहरी थी, लेकिन सच्चाई आखिरकार 1907 में सामने आई। सू के लिए मुस्कुराना या हंसना असंभव था, क्योंकि उसके चेहरे की मांसपेशियां लकवाग्रस्त थीं।

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