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इस मंदिर में निभाई जाती है अनोखी परम्परा, देवी को चढ़ाते हैं चप्पल

नई दिल्ली। हमारे देश में हजारों ऐसे मंदिर हैं, जिनका रहस्य कोई नहीं सुलझा सका है। ऐसा ही कनार्टक के गुलबर्ग जि़ले में लकम्मा देवी का एक भव्य और रहस्यमयी मंदिर है। इस मंदिर में हर साल यहां फुटवियर फेस्टिवल का आयोजन होता है,जिसमें दूर-दराज के गांवों से लोग माता को चप्पल चढ़ाने आते हैं। इस फेस्टिवल में प्रमुख रूप से गोला गांव के लोग बढ़-चढक़र हिस्सा लेते हैं। यह त्योहार अजीबोगरीब रिवाजों के कारण पूरे देश भर में मशहूर है।

हर साल यह फेस्टिवल दीपावली के छठे दिन आयोजित किया जाता है। लोग मन्नत मांगते हैं उसे उसके पूरा होने के लिए मंदिर के बाहर के एक पेड़ पर आकर पूरी भाव भक्ति से चप्पलें टांगते हैं। इतना ही नहीं लोग इस दौरान भगवान को शाकाहारी और मांसाहारी भोजन का भोग भी लगाते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह चप्पल चढ़ाने से ईश्वर उनकी बुरी शक्तियों से रक्षा करते हैं।मान्यता ये भी है कि इससे पैरों और घुटनों का दर्द हमेशा के लिए दूर हो जाता है। इस मंदिर में हिन्दू ही नहीं बल्कि मुसलमान भी आते हैं।इस मंदिर ये भी मान्याता है कि माता भक्तों की चढ़ाई गई चप्पलों को पहनकर रात में घूमती हैं और उनकी रक्षा करती हैं।

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