मुख्यमंत्री योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से किया संवाद,अति कुपोषित बच्चे के बारे में ली जानकारी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देश और प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकत्री को मुख्यमंत्री ने पहचाना। कार्यकत्री ने कहा कि आप गोरखपुर के हमारे गांव बसियापुर में आए थे। मुख्यमंत्री ने भी मुस्कराते हुए हामी भरी। मुख्यमंत्री सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से मंच से ही बातचीत कर रहे थे।nnउन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सराहना करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी हमारी नींव है। मुख्यंमत्री ने गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकत्री संध्या से सवाल किया कि जो अति कुपोषित बच्चे हैं, उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने के लिए आपने क्या प्रयास किया? इस पर कार्यकत्री (कार्यकर्ता) ने बताया कि हमने रोज बच्चों का वजन किया और लंबाई नापी। बच्चों को साफ सुथरा और पौष्टिक आहार दिया। बच्चों की माताओं से भी मिलीं। उन्हें प्रेरित किया कि घर में पौष्टिक भोजन बनाएं। मौसमी फल-सब्जी बच्चों को दें। खिचड़ी में पालक, गाजर डालकर बनाएं।nnफिर मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि टेक होम राशन से बच्चों को क्या लाभ मिला। कार्यकत्री ने बताया कि शुरू-शुरू में कुछ लोगों ने शिकायत की। फिर मैंने महिलाओं को समझाया। सरकार बच्चों की उम्र के हिसाब से खाने में चीनी और नमक का अनुपात रख रही है।nnकार्यक्रम में शामिल होने गुजरात और उड़ीसा से आईं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया। उन्होंने सीधा सवाल किया कि आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए आपके स्तर से क्या प्रयास हुआ? कुपोषित बच्चों के जीवन में कैसे परिवर्तन हुआ? इस पर कार्यकत्रियों ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों का बौद्धिक, शारीरिक विकास हुआ है। गुजरात की भावना से मुख्यमंत्री ने पूछा कि वह बच्चों को खाने में क्या-क्या देते हैं। मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से संवाद किया।nnमुख्यमंत्री की मौजूदगी में कार्यक्रम में प्रदेश की महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने बताया कि उत्तर प्रदेश में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के तहत पोषण अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान में सहयोग करने वाले अभिभावकों का भी सम्मान किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि यदि भारत को विकसित करना है, तो बच्चों को पोषित करना अनिवार्य है। बच्चों के पोषण की बड़ी जिम्मेदारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर है। सरकार मातृवंदन योजना के तहत स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button