
नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच टी20 सीरीज चल रही है। दूसरे टी20 मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा। भारत के टॉप बल्लेबाज रन बनाने में असफल रहे, जिसके कारण टीम इंडिया को 51 रन से हार का सामना करना पड़ा। 214 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 19.1 ओवर में 162 रन पर सिमट गई। इस हार के बाद टीम इंडिया की बल्लेबाजी रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर बड़े लक्ष्य के पीछा करने के दौरान अपनाए गए अप्रोच को लेकर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने कहा कि समस्या शुरुआती विकेट गिरने की नहीं थी, बल्कि बल्लेबाजों की भूमिका को लेकर स्पष्टता की कमी थी। उनके मुताबिक पारी के शुरुआती ओवरों में जरूरत से ज्यादा लचीलापन (फ्लेक्सिबिलिटी) रन बनाने को और जटिल बना देता है।
उथप्पा ने खासतौर पर शुभमन गिल के आउट होने के बाद की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब गिल आउट हुए, तब भारत के पास गहरी बल्लेबाजी लाइन-अप मौजूद थी। ऐसे में अक्षर पटेल को एक पिंच-हिटर की भूमिका निभानी चाहिए थी, ताकि तेजी से रन बनाकर दबाव कम किया जा सके और अभिषेक शर्मा को सहयोग मिल सके।
उथप्पा के मुताबिक, अक्षर पटेल की संभली हुई 21 रन की पारी (रन-ए-बॉल) दबाव कम करने में नाकाम रही। इससे उल्टा यह हुआ कि विकेट गिरते गए और रन रेट का दबाव और बढ़ता चला गया। नतीजतन भारतीय बल्लेबाजी की रफ्तार और धीमी हो गई, जिससे लक्ष्य और मुश्किल होता चला गया।
उथप्पा का मानना है कि शुरुआती छह से आठ ओवरों के बाद मैच-अप के हिसाब से फ्लेक्सिबिलिटी ठीक है, लेकिन उससे पहले मजबूत नींव बनाना जरूरी है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा, “आप बिना नींव के गगनचुंबी इमारत नहीं बना सकते।” उनके मुताबिक, एक ही मैच में खिलाड़ियों से कई भूमिकाओं की उम्मीद करना रन बनाने को और जटिल बना देता है।



