
लखनऊ। लखनऊ के चिनहट थाने में मोहित पांडे की पुलिस हिरासम में शनिवार को मौत हो गयी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में चिनहट के इंस्पेक्टर समेत पांच के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो गयी है। परिजन दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। साथ ही, परिजन मंत्री आवास रोड का घेराव करने के लिए निकले। पुलिस को जानकारी हुई तो उन्हें रोकने की कोशिश की। इस पर आक्रोशित भीड़ नहीं हंगामा करने लगी। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है।
बताते चलें कि शनिवार को नई बस्ती जैनाबाद निवासी व्यापारी मोहित कुमार पांडे (32) की जान चली गई थी। मारपीट की सूचना पर शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे चिनहट पुलिस उनको थाने लेकर गई थी। रात भर मोहित को थाने में रखा। शनिवार दोपहर में लोहिया अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवारीजनों का आरोप है कि पुलिस ने हवालात में मोहित की पिटाई की। इससे उसकी मौत हो गई।
चचेरे भाई से था विवाद
मोहित टाई बेल्ट बनाकर बेचते थे। मोहित के यहां गोंडा निवासी आदेश टाई की सप्लाई का काम करता था। चचेरे भाई ऋषि पांडेय ने बताया कि आदेश आए दिन मोहित के घर से रुपये निकाल लेता था। इसको लेकर पूर्व में कई बार विवाद हुआ था। शुक्रवार को आदेश फिर से मोहित के घर आया था। मोहित ने आदेश को काम से हटाने की बात कही। इस पर दोनों में विवाद हो गया। दोनों में हाथापाई भी हो गई। आदेश ने पुलिस को घटना की सूचना दी। रात 9:30 बजे चिनहट पुलिस मोहित के घर पहुंची और उन्हें उठा ले गई।
भाई को भी लॉ़कअप में डाल दिया था
मोहित को थाने ले जाने की जानकारी मिलने पर उनके बड़े भाई शोभाराम चिनहट कोतवाली पहुंचे। शोभाराम का कहना है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों से भाई को छोड़ने की गुहार लगाई। मोहित की मां तपेश्वरी ने बताया कि शोभाराम को पुलिस ने यह कहते हुए लॉकअप में डाल दिया कि तुम नेता बन रहे हो। इसके बाद शोभाराम को भी शांति भंग की धारा में हिरासत में ले लिया।