
इंदौर। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी शनिवार को भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने की वजह से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ना केवल सरकार की स्मार्ट सिटीज योजना को लेकर सवाल उठाया बल्कि सरकार से लोगों को साफ पानी मुहैया कराने की मांग भी की। राहुल गांधी ने गंदे पानी की वजह से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों की आर्थिक मदद करते हुए उन्हें 1-1 लाख रुपए का मुआवजा राशि का चेक भी सौंपा।
राहुल गांधी ने कहा, भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से जो लोग प्रभावित हुए हैं, मैं उनसे मिला हूं। कई परिवार के सदस्यों की मौत हुई है और कई बीमार हुए हैं। वादा किया गया था-देश को ‘स्मार्ट सिटी’ दी जाएंगी। मगर ये स्मार्ट सिटी का नया मॉडल है, जहां पीने का पानी नहीं है और लोगों को डराया जा रहा है। इंदौर में साफ पानी नहीं मिल रहा है। दूषित पानी पीने से लोगों की मौत हुई है और यह सरकार का ‘अर्बन मॉडल’ है।
उन्होंने आगे कहा, यह सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा अन्य शहरों में भी हो रहा है। लोगों को साफ पानी और हवा मिले, ये जिम्मेदारी सरकार की होती है, मगर वह इस काम में असफल है। सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साथ ही, पीड़ितों को सही मुआवजा भी मिलना चाहिए, क्योंकि ऐसे हालात सरकार की लापरवाही से बने हैं।
आज भी यहां साफ पानी नहीं मिल रहा है। इसलिए लोग चाहते हैं कि यहां साफ पानी की व्यवस्था की जाए। जनता को साफ पानी देना सरकार की जिम्मेदारी है, जिसे पूरा किया जाना चाहिए। नेता विपक्ष होने के नाते मैं इनकी आवाज उठाने आया हूं, ये मेरी जिम्मेदारी है- मैं पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा हूं।



