आज है गुरु प्रदोष व्रत, इस शुभ मुहूर्त में पूजा करने से महादेव दूर करेंगे जीवन के सभी भय

आज है गुरु प्रदोष व्रत, इस शुभ मुहूर्त में पूजा करने से महादेव दूर करेंगे जीवन के सभी भय

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026) के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही महादेव की कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत किया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की साधना करने से साधक के जीवन के सभी भय दूर होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि सितंबर का दूसरा प्रदोष व्रत किस दिन किया जाएगा और महादेव की पूजा-अर्चना का शुभ मुहूर्त क्या है।

प्रदोष व्रत 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2026 Date and Shubh Muhurat)वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 23 सितंबर को रात 10 बजकर 54 मिनट पर हो चुकी है। वहीं, इस तिथि का समापन आज 24 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा प्रदोष काल में होती है। इसलिए 24 सितंबर को प्रदोष व्रत किया जाएगा। इस दिन गुरुवार है। इसलिए यह गुरु प्रदोष व्रत कहलाएगा।

भगवान शिव की पूजा का समय- शाम 06 बजकर 26 मिनट से रात 08 बजकर 49 मिनट तक। इस दौरान कभी भी शिव पूजन किया जा सकता है।

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 45 मिनट से 05 बजकर 33 मिनट तकअभिजीत मुहूर्त- दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तकविजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 24 मिनट से 03 बजकर 12 मिनट तकगोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 26 मिनट से 06 बजकर 50 मिनट तकरवि योग- सुबह 10 बजकर 35 मिनट से अगले दिन सुबह 06 बजकर 21 मिनट तक (25 सितंबर)

इन उपायों से करें महादेव को प्रसन्नशिवलिंग का रुद्राभिषेक- अगर आप प्रदोष व्रत के दिन महादेव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो इस दिन प्रदोष काल में शिवलिंग का पंचामृत से विधिपूर्वक रुद्राभिषेक करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्राभिषेक करने से जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है।

बेलपत्र और चंदन का उपाय- प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान 11 या 21 अखंडित बेलपत्र लें। उन पर सफेद या पीला चंदन लगाकर शिवलिंग पर ‘ॐ नमः शिवाय’ बोलते हुए अर्पित करें। मान्यता है कि इस उपाय को सच्चे मन से करने से भक्त की सभी मुरादें पूरी होती हैं और शिव जी की कृपा प्राप्त होती है।
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