
नई दिल्ली: दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) के निवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने वाली है, लेकिन इसके साथ ही बारिश से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार रहने की जरूरत है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में दिल्ली और आसपास के शहरों—नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की द्रोणिका (Monsoon Trough) एक बार फिर सक्रिय होकर दिल्ली-एनसीआर के करीब से गुजर रही है, जिसके प्रभाव से अगले तीन दिनों तक राजधानी और एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इस दौरान तेज गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पिछले कुछ दिनों से जारी हल्की बूंदाबांदी और उमस के बाद वायुमंडल में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जिससे लोगों को काफी चिपचिपाहट और गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, अब नए मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से हवा की दिशा में बदलाव आया है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण दिल्ली के आसमान पर काले बादलों का डेरा जमना शुरू हो गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश का यह नया दौर अगले 72 घंटों तक रुक-रुक कर जारी रहेगा, जिससे अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखने को मिलेगी।
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में कैसा रहेगा बारिश का हाल
राष्ट्रीय राजधानी के अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रह सकती है। दक्षिणी दिल्ली, मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और बाहरी दिल्ली के इलाकों जैसे रोहिणी, द्वारका, नजफगढ़, पालम और चांदनी चौक में तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश से सटे दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी मध्यम से भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी तेज हवाओं के साथ बारिश के स्पेल देखने को मिल सकते हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस नए मानसूनी स्पेल के दौरान निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और मुख्य सड़कों पर दृश्यता (Visibility) कम होने की आशंका है। बारिश की वजह से दिल्ली की सड़कों जैसे रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, आईटीओ, धौला कुआँ, मिंटो रोड और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर यातायात की गति धीमी पड़ सकती है। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम (MCD) को जल निकासी के लिए पंप तैनात करने और कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तापमान में गिरावट से मिलेगी गर्मी से राहत, पर बढ़ सकती है जलभराव की आफत
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में दिल्ली का अधिकतम तापमान घटकर 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ सकता है, जिससे शहरवासियों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलेगी। न्यूनतम तापमान भी 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, तापमान में गिरावट राहत भरी खबर है, लेकिन भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
हर साल मानसून के दौरान दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर होने वाला जलभराव आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम, वैशाली और नोएडा के सेक्टर-62, सेक्टर-18 तथा गुरुग्राम के हीरो होंडा चौक और सुशांत लोक जैसे इलाकों में भारी बारिश के बाद ट्रैफिक जाम की स्थिति अक्सर देखने को मिलती है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और दिल्ली जल बोर्ड को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मौसम विभाग (IMD) की एडवाइजरी: ट्रैफिक अपडेट देखकर ही घर से बाहर निकलें
लगातार होने वाली बारिश और सम्भावित जलभराव को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लोग घर से बाहर निकलते समय मौसम का ताजा पूर्वानुमान और ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी अवश्य चेक कर लें। खुले तारों, कमजोर ढांचों और बड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाओं के कारण पेड़ टूटने या बिजली के पोल गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
वाहन चालकों को विशेष रूप से हिदायत दी गई है कि वे जलभराव वाले रास्तों पर गाड़ी धीरे चलाएं और अंडरपास के नीचे से गुजरते समय पानी की गहराई का अंदाजा अवश्य लगा लें। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल और एफएम रेडियो के माध्यम से समय-समय पर ट्रैफिक डायवर्जन और अपडेटेड रूट मैप साझा करने की तैयारी की है। इसके अतिरिक्त, निर्माण कार्यों से जुड़ी कंपनियों को भी सलाह दी गई है कि वे भारी बारिश के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें।
दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता और मानसून का दीर्घकालिक असर
लगातार होने वाली बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि इससे दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता (Air Quality Index – AQI) में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। पिछले कुछ दिनों से धूल कणों और वाहनों के प्रदूषण के कारण AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में बना हुआ था, लेकिन बारिश के पानी से हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM 2.5 और PM 10) साफ हो जाएंगे, जिससे राजधानी की हवा ‘संतोषजनक’ या ‘अच्छी’ श्रेणी में आ जाएगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस मानसूनी स्पेल से दिल्ली-एनसीआर में वर्षा की कमी को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी। इस बारिश से भूजल स्तर को रीचार्ज करने में मदद मिलेगी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में फसलों के लिए भी यह पानी फायदेमंद साबित होगा।



