
चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में गुरुवार को एक बहुत ही शक्तिशाली भूकंप ने भारी तहलका मचा दिया। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई है। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह तीव्र झटका भारतीय समयानुसार रात करीब 8:03 बजे दर्ज किया गया। झटके इतने तेज थे कि आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया और वे डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए।
भूकंप का केंद्र और अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़े
भूकंप की गहराई और केंद्र को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के आंकड़ों में भिन्नता देखी गई है। भारतीय एजेंसी NCS के मुताबिक, इसका केंद्र जमीन से 173 किलोमीटर की गहराई में था। वहीं, जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने इसकी गहराई महज 10 किलोमीटर बताई थी। चीन के भूकंप नेटवर्क केंद्र (CENC) की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय समयानुसार रात लगभग 10:33 बजे उत्तरी तिब्बत के नागचू इलाके में यह झटका आया। इस भूकंप का केंद्र तिब्बत की प्रांतीय राजधानी ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित था।
जान-माल के नुकसान का आकलन जारी
इस विनाशकारी तीव्रता वाले भूकंप से फिलहाल कितना नुकसान हुआ है, इसकी सटीक जानकारी सामने नहीं आ सकी है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में जान-माल की क्षति का आकलन करने में जुटी हैं। विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा सके।
पहले से आपदा झेल रहे इलाके पर एक और मार
यह भूगर्भीय आपदा ऐसे संवेदनशील समय पर आई है जब यह पूरा क्षेत्र कुछ ही सप्ताह पहले भीषण प्राकृतिक आपदा से उबरा था। अगस्त के अंत में नेपाल और चीन के तिब्बत सीमावर्ती पहाड़ी इलाके में ग्लेशियर टूटने से खतरनाक भूस्खलन और अचानक बाढ़ आई थी। उस भयावह आपदा में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं। ऐसे में इस ताजा भूकंप ने स्थानीय आबादी की चिंताओं को और अधिक बढ़ा दिया है।



