
बिहार के मुजफ्फरपुर में गोबरसही रोड पर गैस पाइपलाइन में हुए धमाके ने 45 वर्षीय श्रीनिवास कुमार सिंह की जान ले ली। वह बेटी की स्कूल फीस जमा करके स्कूटी से घर लौट रहे थे। घर पहुंचने से करीब 200 मीटर पहले हुए धमाके ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है।
श्रीनिवास की मौत से उनकी पत्नी और बेटी गहरे सदमे में हैं। मोहल्ले के लोग भी घटना से दुखी हैं। स्थानीय लोगों के बीच हादसे को लेकर डर का माहौल बना हुआ है।
घर और बच्चों की जिम्मेदारी उठाते थे
श्रीनिवास कुमार सिंह कोचिंग संचालक थे और परिवार की जिम्मेदारियां भी संभालते थे। वह एक सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर के बेटे थे। परिजनों के मुताबिक, घर के छोटे-बड़े काम हों या बच्चों की पढ़ाई, श्रीनिवास हर जिम्मेदारी खुद निभाते थे। दिनभर के घरेलू काम निपटाने के बाद शाम को कोचिंग में बच्चों को पढ़ाते थे।
सोमवार को वह बेटी की स्कूल फीस जमा करने गए थे। लौटते समय घर के पास ही हुए हादसे में उनकी मौत हो गई।
‘अब परिवार की जिम्मेदारी कौन संभालेगा’
श्रीनिवास के भाई ने बताया कि वह परिवार के सभी सदस्यों का ख्याल रखते थे। हर जरूरत पूरी करने की कोशिश करते थे। उनके जाने से परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
पत्नी ने रोते हुए कहा कि परिवार ने अपना सब कुछ खो दिया है। अब घर और बच्चों की जिम्मेदारी कौन संभालेगा, यह समझ नहीं आ रहा। उन्होंने बताया कि श्रीनिवास कोचिंग जाने से पहले घर के काम और बच्चों की पढ़ाई का पूरा ध्यान रखते थे।
परिजनों ने उठाए लापरवाही पर सवाल
परिजनों ने गैस पाइपलाइन में हुए धमाके को बड़ी लापरवाही का नतीजा बताया है। उनके मुताबिक, श्रीनिवास घर से कुछ ही दूरी पर थे, तभी अचानक हुए विस्फोट ने उनकी जिंदगी छीन ली। इस घटना ने परिवार को ऐसा दर्द दिया है, जिसकी भरपाई मुश्किल है। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक के साथ सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।



