
लखनऊ। विश्व युवा कौशल दिवस-2026 पर बुधवार को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग द्वारा राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कौशल सारथी और कौशल सेतु मॉड्यूल भी लॉन्च और कौशलम पुस्तिका का विमोचन किया। विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ एमओयू भी हुए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री उच्च वेतन पर नियुक्ति पाने वाले व उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 युवा आइकॉन को सम्मानित भी किया। साथ ही श्रेष्ठ कार्य करने वाले राजकीय आईटीआई, प्रशिक्षण प्रदाताओं और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एजेंसियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, उत्तर प्रदेश का युवा कार्यबल प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति है। कौशल, नवाचार और उद्यमिता के बल पर ही उत्तर प्रदेश वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त कर विकसित भारत के संकल्प को नई गति प्रदान करेगा। साथ ही कहा, विगत 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। आज MSME क्षेत्र सवा तीन करोड़ से अधिक युवाओं और कारीगरों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने आगे कहा, AI, Robotics, Drone Technology, Space Technology और 3D Printing जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण आज उत्तर प्रदेश के ITIs में दिया जा रहा है। Plumbing से लेकर Semiconductor Manufacturing तक का प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के Skill Development Centres में उपलब्ध कराया जा रहा है।
हर जनपद में MSME, Vocational Education & Skill Development तथा श्रम एवं सेवायोजन विभाग मिलकर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर Employment & Industrial Zone स्थापित करेंगे। ये World-Class Skilling Centres होंगे, जहां युवाओं की रुचि और योग्यता के अनुरूप उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उनकी पसंद के क्षेत्र में तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।



